
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या को लेकर मुंबई पुलिस की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी की हत्या की योजना पूरी बारीकी से बनाई गई थी। यह साजिश अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट द्वारा रची गई थी। हालांकि इस पूरे मामले पर बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने पुलिस से अलग दावा किया है। जीशान ने इस हत्याकांड के पीछे बिल्डर लॉबी का हाथ होने की आशंका जताई है। जीशान
एनसीपी नेता (अजित पवार) जीशान सिद्दीकी का कहना है कि उनके पिता की हत्या के पीछे का कारण स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) परियोजनाओं से जुड़ा विवाद हो सकता है। लेकिन उनके बयान के बावजूद पुलिस ने इस संबंध में जांच नहीं की। उन्होंने अपने पिता की हत्या के संदेह के संबंध में कई बिल्डरों के नामों का जिक्र किया है। पुलिस की चार्जशीट में शामिल जीशान के बयान में पृथ्वी चव्हाण, शाहिद बलवा, शिवालिक वेंचर्स, अडानी, नबील पटेल, विनोद गोयनका और ओंकार बिल्डर्स जैसे बड़े नामों का उल्लेख है।
जीशान का दावा है कि बांद्रा पूर्व में झुग्गीवासियों के अधिकारों की रक्षा करने के उनके प्रयासों के कारण उनके पिता बाबा सिद्दीकी की हत्या की गई। जीशान ने कुछ पुलिस अधिकारियों पर डेवलपर्स के दबाव में काम करने का भी आरोप लगाया है।
हालाँकि, मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस एंगल से इनकार करते हुए कहा है कि उनकी जांच गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi) की ओर इशारा करती है। पुलिस का कहना है कि दाऊद इब्राहिम और सलमान खान के साथ सिद्दीकी के कथित संबंधों के लिए उन्हें मारने का आदेश दिया गया था।
जीशान ने आरोप लगाया है कि झुग्गी-बस्तियों के पुनर्विकास में होने वाली बेईमानी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें और उनके पिता को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे झुग्गीवासियों को समझौतें पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानीपूर्वक समझने की सलाह देने के बाद उन्हें खेरवाड़ी पुलिस स्टेशन में एक मामले में झूठा फंसाया गया था।
एनसीपी नेता जीशान ने बीजेपी नेता मोहित कंबोज (Mohit Kambhoj) का भी नाम लिया और कहा कि उनके पिता ने अपनी डायरी में उनका नाम लिखा था और घटना के दिन उनके साथ व्हाट्सएप पर बात की थी। हालांकि जीशान ने कंभोज पर कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने केवल यह उल्लेख किया कि वह आखिरी व्यक्ति थे जिनसे उनके पिता ने बातचीत की थी।
वहीँ, बीजेपी नेता मोहित कंबोज ने बताया कि बाबा सिद्दीकी उनके अच्छे दोस्त थे और उन्होंने पुलिस को पहले ही बता दिया है कि बातचीत किस बारे में थी।