
Bhandara Food Poisoning: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नवरात्रि और विजयादशमी के अवसर पर आयोजित भोजन कार्यक्रम में महाप्रसाद खाने के बाद करीब 400 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना लाखनी तालुका के खराशी गांव की है। बुधवार सुबह से लोगों को उल्टी, दस्त और जी मिचलाने की शिकायत होने लगी। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। गंभीर हालत वाले 16 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भंडारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य मरीजों का खराशी, पालंदूर, लाखनी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, खराशी गांव के निवासी जितेंद्र बोरकर के घर विजयादशमी और नवरात्रि उत्सव के अवसर पर भोजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंगलवार रात के समय करीब 800 लोगों ने इस कार्यक्रम में ‘महाप्रसाद’ खाया था।
हालांकि, अगले दिन सुबह से ही भोजन करने वाले कई लोगों को जी मिचलाने, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में कुछ लोग ही बीमार पड़े थे, लेकिन दोपहर तक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल चिकित्सा व्यवस्था शुरू की।
बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद खराशी ग्राम पंचायत कार्यालय में मेडिकल कैंप शुरू किया गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच की और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ मरीजों को खराशी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पालांदूर ग्रामीण अस्पताल और लाखनी ग्रामीण अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। वहीं, गंभीर हालत वाले 16 मरीजों को भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में रेफर किया गया। कुछ मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाज करा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने खराशी गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
एक ही आयोजन में शामिल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण सामने आने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है, खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल पीड़ित लोगों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य महकमा अलर्मट मोड पर है।