
Maharashtra Guardian Ministers: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में रायगढ़ और नासिक के संरक्षक मंत्री (प्रभारी मंत्री) पद को लेकर करीब एक साल आठ महीने से चला आ रहा विवाद आखिरकार खत्म होता नजर आ रहा है। रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री पद पर शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता भरत गोगावले की नियुक्ति की गई है, जबकि नासिक जिले की जिम्मेदारी बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरीश महाजन को सौंपी गई है। लंबे समय से दोनों जिलों के प्रभारी मंत्री पद को लेकर महायुति में शामिल बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के बीच खींचतान चल रही थी।
इस फैसले को महायुति के भीतर सत्ता संतुलन साधने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर रायगढ़ में शिवसेना (शिंदे गुट) के भरत गोगावले और एनसीपी (सुनेत्रा पवार) की अदिति तटकरे के बीच प्रभारी मंत्री पद को लेकर लंबे समय से रस्साकशी चल रही थी।
दरअसल, मुख्यमंत्री के तौर पर तीसरी बार शपथ लेने के एक महीने बाद ही 18 जनवरी 2025 को देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के नए प्रभारी मंत्रियों की सूची जारी की थी। तब रायगढ़ की जिम्मेदारी एनसीपी की नेता व महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे को और नासिक की जिम्मेदारी बीजेपी नेता गिरीश महाजन को सौंपी गई थी।
लेकिन सूची जारी होते ही दोनों जिलों में महायुति के भीतर विरोध शुरू हो गया। रायगढ़ में शिवसेना के मंत्री भरत गोगावले के समर्थकों ने अदिति तटकरे को प्रभारी मंत्री बनाए जाने का विरोध किया। वहीं, नासिक में शिवसेना के नेता दादा भुसे के समर्थक गिरीश महाजन को प्रभारी मंत्री बनाए जाने से भड़क गए।
विवाद इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री को दोनों जिलों के प्रभारी मंत्री पदों पर किए गए फैसले को 24 घंटे में ही स्थगित करना पड़ा। इसके बाद से ही रायगढ़ और नासिक का मामला महायुति सरकार के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था।
रायगढ़ के प्रभारी मंत्री पद पर शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से भरत गोगावले लगातार दावेदारी कर रहे थे। दूसरी ओर एनसीपी युवा नेता अदिति तटकरे के लिए जोर दे रही थी। इस मुद्दे को लेकर महायुति के शीर्ष नेताओं के बीच कई बार चर्चा हुई।
रायगढ़ के प्रभारी मंत्री पद को लेकर विवाद के बीच अदिति तटकरे ने हाल ही में कहा था कि अगर भरत गोगावले को जिम्मेदारी दी गई तो वह भी शुभकामनाएं देंगी। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक पद है और इससे ज्यादा जरुरी जिले का विकास है। रायगढ़ के संबंध में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मिलकर फैसला करेंगे। इसके बाद अब भरत गोगावले को जिम्मेदारी मिलने से शिंदे गुट को कोंकण क्षेत्र में बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है।
नासिक को लेकर भी महायुति में इसी तरह की खींचतान थी। बीजेपी के गिरीश महाजन को प्रभारी मंत्री बनाए जाने के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता दादा भुसे के समर्थकों ने विरोध जताया था। दादा भुसे शिंदे के सीएम रहते हुए पहले भी नासिक के प्रभारी मंत्री रह चुके हैं। यही वजह थी कि शिंदे गुट की ओर से नासिक पर अपना दावा मजबूत तरीके से पेश किया जा रहा था। दूसरी ओर बीजेपी गिरीश महाजन के पक्ष में थी। अब नासिक की जिम्मेदारी एक बार फिर गिरीश महाजन को दिया गया है।