मुंबई

AIMIM पार्षद पर बुलडोजर एक्शन से भड़का हाई कोर्ट, कहा- ये यूपी-बिहार नहीं महाराष्ट्र है, इस कल्चर को ना घुसने दें

Bombay High Court Bulldozer Action: नासिक के चर्चित टीसीएस (TCS) यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले की आरोपी निदा खान को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। वह एआईएमआईएम के पार्षद मतीन पटेल के घर में परिवार सहित छिपी थी। जिसके बाद एआईएमआईएम नेता के खिलाफ बुलडोजर एक्शन हुआ था।
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May 19, 2026
Bombay High Court Bulldozer Action
निदा खान को ढूंढने के चक्कर में तोड़ दिया मेरा नया घर- हनीफ (Photo: IANS)

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (CSMC) की बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल और स्थानीय निवासी हनीफ खान से जुड़ी संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई को मनमाना बताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। अदालत ने साथ ही कहा कि महाराष्ट्र में बुलडोजर कल्चर को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, यह उत्तर प्रदेश या बिहार नहीं है।

जस्टिस सिद्धेश्वर ठोंबरे की अगुवाई वाली खंडपीठ ने 13 मई को हुई तोड़फोड़ कार्रवाई पर सुनवाई करते हुए तीखी टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा, घर बनाना आसान काम नहीं है। हर कोई आपकी और हमारी तरह आसानी से घर नहीं बना सकता। महाराष्ट्र में बुलडोजर कल्चर मत आने दीजिए। यह यूपी या बिहार नहीं है।

‘15 दिन का नोटिस तक नहीं दिया’

हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तोड़फोड़ कार्रवाई से पहले 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, अंतिम नोटिस का भी पालन नहीं किया गया। यह पूरी कार्रवाई मनमानी है। इस कार्रवाई से पूरा परिवार बेघर हो गया।

अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि क्या महानगरपालिका ने अवैध हिस्सों की सही पहचान किए बिना पूरे घर को गिरा दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों को पहले यह तय करना चाहिए था कि भवन का कौन-सा हिस्सा अवैध है।

13 मई को चलाया गया था बुलडोजर

छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने 13 मई को एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल के घर और कार्यालय पर बुलडोजर चलाया था। हालांकि इस कार्रवाई के बाद विवाद और बढ़ गया, क्योंकि कुछ अन्य संपत्तियां भी बिना पूर्व सूचना के तोड़ दी गईं। इनमें अमजद खान की बिल्डिंग मटेरियल की दुकान और मतीन पटेल के पिता के नाम वाला मकान भी शामिल थे।

दरअसल, यह पूरा मामला उस वक्त चर्चा में आया, जब नासिक स्थित टीसीएस इकाई में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की आरोपी निदा खान को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में पार्षद मतीन पटेल का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान कई दिनों तक AIMIM नेता के नारेगांव स्थित फ्लैट में छिपी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मतीन पटेल को भी मामले में आरोपी बनाया, जबकि नगर निगम ने उनकी कथित अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। अब इसी कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट ने महानगरपालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

20 लाख रुपये का नुकसान का दावा

अमजद खान ने दावा किया कि उनकी दुकान को गुंठेवारी नियमितीकरण योजना के तहत वैध अनुमति मिली हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के कारण उन्हें 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।

Updated on:
19 May 2026 02:58 pm
Published on:
19 May 2026 02:45 pm