
(मुंबई): शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को चौंकाने वाला बयान दिया। कहा कि महाराष्ट्र में आने वाले विधानपरिषद के चुनावों के लिए बीजेपी और शिवसेना के साथ का ये मतलब नहीं है कि 2019 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए भी दोनों का गठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि अभी कर्नाटक में धुंध छाई हुई है और जब यह छंटेगी, तो कांग्रेस पार्टी नंबर एक पार्टी बनकर सामने आएगी। राउत ने यह भी कहा कि अब लोगों का रूझान कांग्रेस की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है क्योेंकि लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सुनना शुरू कर दिया है।
पीएम मोदी को क्यों करनी पड़ रहीें है रैलियां - राउत
राउत ने कहा कि जब भी किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं, तो बीजेपी अपनी केंद्र की सारी मशीनरी और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को वहां कैंपेन करने के लिए भेज देती है। अपने राज्यों और प्रशासन को बीच में छोड़कर किसी राज्य के चुनाव के लिए जिस तरह केंद्री मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है, पूरा देश ये देख रहा है। राउत ने कहा कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कर्नाटक में दर्जनों रैलियां करनी पड़ रही हैं? क्या बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को राज्य के अपने लोगों पर भरोसा नहीं है। जब पीएम की जरूरत देश को चलाने के लिए दिल्ली में है, ऐसे में उनका कर्नाटक में कैंपेंन में लगना कितना सही है?
बीजेपी ने जोड़-तोड़ कर हासिल की सत्ता
जब उनसे पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र के आगामी विधानपरिषद चुनावों में बीजेपी और शिवसेना की एक साथ साझेदारी का मतलब 2019 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी उनकी साझेदारी का संकेत है? संजय राउत ने इसका ना में जवाब दिया। उन्होंनें कहा कि 2019 के चुनाव में शिवसेना महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर आएगी और अगला मुख्यमंत्री भी शिवसेना का ही होगा। इसके अलावा संजय राउत ने ये भी कहा कि उत्तर पूर्वी राज्यों के चुनाव में से एक भी राज्य में बीजेपी ने अपने दम पर अकेले जीत हासिल नहीं की है। इन जगहों पर बीजेपी ने जोड़-तोड़ से सत्ता हासिल की है।