मुंबई

परभणी हिंसा: अंबेडकर की मूर्ति का अपमान करने वाला आरोपी मिला मृत, 4 दिन पहले हुआ था रिहा

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की प्रति में तोड़फोड़ करने वाले आरोपी दत्ता सोपान पवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

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Jan 13, 2026
संविधान की प्रति के अपमान का मुख्य आरोपी मृत मिला (Patrika Photo)

महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास रखी संविधान की प्रतिकृति के साथ तोड़फोड़ करने वाले मुख्य आरोपी दत्ता सोपान पवार (Datta Sopan Pawar) का शव मिला है। खास बात यह है कि दत्ता सोपान चार दिन पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस इसे खुदकुशी का मामला बता रही है।

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फंदे से लटका मिला शव

पुलिस के अनुसार, दत्ता पवार को करीब 13 महीने बाद जमानत मिली थी, जिसके बाद वह परभणी तालुका स्थित अपने गांव मिर्जापुर आया था। मिर्जापुर में उसके रिश्तेदार रहते हैं, जबकि पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य पुणे में है। एक रिश्तेदार ने सोमवार सुबह करीब 9 बजे उसे खेत में बने एक कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। ग्रामीणों की सूचना के बाद परभणी ग्रामीण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पुलिस इस मामले में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कुछ अन्य कारण हैं।

दत्ता पवार लगभग 13 महीने से जेल में था। उसके जमानत के लिए कोई आगे नहीं आया, परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। इसलिए मुफ्त कानूनी सहायता के जरिए पर्सनल बॉन्ड पर जमानत दी गई।

बताया जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान उसका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं था और उसका डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था। 8 जनवरी को उसे अदालत से जमानत मिली थी। लेकिन बाहर आने के महज चार दिन के भीतर उसकी मौत ने हड़कंप मचा दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा मामला 10 दिसंबर 2024 का है, जब परभणी जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास स्थापित संविधान की प्रतीकात्मक प्रति को नुकसान पहुंचाया गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने दत्ता पवार को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया था।

इस घटना के बाद परभणी में भारी हिंसा भड़क गई थी। शहर में बंद का ऐलान किया गया था और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं।

सोमनाथ सूर्यवंशी की मौत

दत्ता पवार की गिरफ्तारी के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' चलाया था। इस दौरान लॉ के छात्र सोमनाथ सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया, जिसकी बाद में हिरासत में मौत हो गई। सोमनाथ के परिवार ने पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, जिसके बाद पूरे देश में गुस्सा फैल गया था। इस मामले में सरकार ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारी को निलंबित किया था और एसआईटी जांच के आदेश दिए थे।

Updated on:
13 Jan 2026 04:59 pm
Published on:
13 Jan 2026 04:33 pm
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