अदालत ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने वाले ‘हैवान’ पिता को 20 साल की सजा सुनाई है। डीएनए जांच से स्पष्ट हुआ कि आरोपी और पीड़िता ही भ्रूण के जैविक माता-पिता थे।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले से पिता और बेटी के पवित्र रिश्तें को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के जुर्म में पिता को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने 15 साल की बेटी के साथ कई वर्षों तक बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के दोषी पिता को 20 साल के जेल की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने इस मामले को जघन्य अपराध करार दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष ने ठोस मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के जरिए आरोपी का अपराध सिद्ध कर दिया है।
अक्टूबर 2021 में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी पिता पेशे से ऑटोरिक्शा चालक है। वह अक्सर शराब के नशे में नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करता था। वह पीड़िता को चाकू दिखाकर धमकाता था, जिससे वह चुप रही। बाद में, युवती के गर्भवती होने पर आरोपी ने उसकी सहमति के बिना गर्भपात करवाया और भ्रूण को सुनसान जगह पर दफना दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाहों ने अदालत में गवाही दी, जिनमें पीड़िता भी शामिल थी। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता ने अंतिम चरण में अपने बयान बदल दिए, जिसे न्यायालय ने आरोपी और पीड़िता की मां के दबाव का नतीजा माना। हालांकि, डीएनए जांच से यह पुष्टि हुई कि आरोपी और पीड़िता ही भ्रूण के जैविक माता-पिता थे।
अपने फैसले में अदालत ने कहा कि आरोपी के ये सभी कृत्य न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि नैतिक और मानवीय मूल्यों के भी विरुद्ध हैं। अदालत ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। साथ ही उसे मुआवजा दिलाने के लिए मामला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को भेजा गया है।