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शिंदे-ठाकरे की ‘गुप्त’ बैठक, BMC में हार के बाद राज पहुंचे नंदनवन, उद्धव को लगा झटका!

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास 'नंदनवन' पहुंचकर उनसे मुलाकात की।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 19, 2026

Eknath Shinde Raj Thackeray Uddhav Thackeray

एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे की मुलाकात, उद्धव को लगा झटका (Photo: IANS)

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पिछले महीने हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव (BMC) में करारी हार के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आधिकारिक आवास ‘नंदनवन’ में मुलाकात की। बीएमसी चुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है, जिसने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिंदे-ठाकरे में क्या हुई चर्चा?

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक पदाधिकारी के मुताबिक, मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और स्थानीय निकायों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।

यह बैठक ऐसे वक्त में हुई है जब मनसे के बड़े नेताओं ने बीएमसी चुनाव के दौरान शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी। ऐसे में राज ठाकरे का शिंदे से मिलना सियासी समीकरणों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। मनसे ने कल्याण- डोंबिवली (KDMC) में शिवसेना शिंदे गुट को अपना समर्थन दिया है, जबकि चुनाव शिवसेना उद्धव गुट के साथ मिलकर लड़ा था।

बीएमसी चुनाव के बाद बदले हालात

गौरतलब है कि हाल ही में हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव में उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे करीब दो दशक बाद एक मंच पर नजर आए थे। यह तस्वीरें उस समय काफी चर्चा में रहीं और इसे मराठी वोटों के एकजुट होने की कोशिश के तौर पर देखा गया। लेकिन ठाकरे भाइयों का साथ आने का फॉर्मूला मतदाताओं को लुभाने में नाकाम रहा। चुनावी नतीजों ने दोनों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इसके साथ ही बीएमसी पर लगभग तीन दशक तक कायम ठाकरे परिवार का वर्चस्व समाप्त हो गया और सत्ता की बागडोर भाजपा-शिंदे सेना के हाथों में चली गई। नतीजों के बाद अब राज ठाकरे का शिंदे खेमे की ओर रुख करना उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

उद्धव के लिए सियासी संदेश?

मुंबई महानगर की सत्ता हाथ से निकलने के बाद ठाकरे परिवार की राजनीति नए मोड़ पर खड़ी है। इस बीच राज ठाकरे की शिंदे से मुलाकात यह संकेत देता है कि आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण और भी दिलचस्प हो सकते हैं। इस मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।