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दापुरमल गांव का खत्म हुआ दशकों का इंतजार, अब पानी के लिए नहीं करना होगा 8 km का पथरीला सफर

मुंबई से महज 120 किमी दूर अपर वैतरणा बांध के ऊपर बसा छोटा सा गांव दापुरमल आखिरकार मुख्यधारा से जुड़ने जा रहा है। करीब 325 की आबादी वाले इस पहाड़ी गांव को जल्द ही एक पक्की और वाहन चलने योग्य सड़क मिलने वाली है।
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Updated: 28 May 2026, 6:23 PM IST
Dapurmal village water crisis
दापुरमल में 8 किमी पैदल पानी ढोने वाली महिलाओं को मिली राहत (AI Image)

मुंबई से करीब 120 किमी दूर ठाणे जिले के शाहपुर तालुका में स्थित आदिवासी गांव दापुरमल के लोगों की जिंदगी अब बदलने वाली है। अपर वैतरणा डैम के ऊपर पहाड़ियों में बसे इस छोटे से गांव तक वाहन जा सके, ऐसी एक सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। दशकों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे इस गांव के लोगों के लिए यह सड़क किसी सपने के सच होने जैसा है।

करीब 325 लोगों की आबादी वाले दापुरमल गांव के लोग अब तक रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज, पढ़ाई और यहां तक कि पीने के पानी के लिए भी घंटों पहाड़ी रास्तों पर पैदल चलने को मजबूर थे। खासकर गांव की महिलाएं और छोटी बच्चियां हर सुबह करीब 8 किमी का कठिन जंगल और पहाड़ी रास्ता तय कर पानी लाती थीं। इस तपती धूप में पानी के भारी बर्तन लेकर लौटने में उन्हें लगभग 4 घंटे लग जाते थे।

विडंबना यह है कि जिस क्षेत्र से ये महिलाएं पानी लाती हैं, वही पानी लाखों मुंबईकरों तक पहुंचता है, लेकिन उसी बांध के ऊपर बसे इस गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत बनी रहती है। गांव का कुआं हर साल मार्च से जून के बीच पूरी तरह सूख जाता है।

मीडिया में खबर आने के बाद बदलेगी किस्मत

मीडिया द्वारा दापुरमल गांव के लोगों की समस्या राष्ट्रीय स्तर पर उठाये जाने के बाद अब मदद के हाथ बढ़े हैं। मुंबई की एक सामाजिक संस्था 'चंद्र हसमुख सोनी फाउंडेशन' ने गांव तक सड़क बनाने का बीड़ा उठाया है। संस्था की ओर से बताया गया कि सड़क निर्माण से जुड़ी सभी सरकारी मंजूरियां और औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अगले चंद दिनों में निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।

शाहपुर संभाग के तहसीलदार परमेश्वर कासुले ने भी पुष्टि की कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग समेत सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह सड़क निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।

अब गांव तक पहुंचेगा पानी भी

इसके साथ ही ग्रामीणों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। तहसीलदार ने बताया कि मिडिल वैतरणा बांध से दापुरमल गांव के लिए सीधी जलापूर्ति का काम भी अंतिम चरण में है। यह काम लगभग पूरा होने वाला है और जल्द ही गांव में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।

सड़क न होने से हर सुविधा से कटा था गांव

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने की वजह से गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते थे। इस वजह से स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं भी गांव से दूर थीं। शाहपुर तालुका में करीब 160 गांव और पाड़े ऐसे हैं जहां गर्मियों में पानी की समस्या होती है, लेकिन वहां सड़क होने के कारण टैंकर पहुंच जाते हैं।

वर्षों तक फाइलों में अटका रहा सड़क का सपना

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ ने पहले भी गांव तक सड़क पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रस्तावित सड़क वन क्षेत्र से गुजरने के कारण मंजूरियां नहीं मिल पा रही थीं। इसी वजह से यह परियोजना वर्षों तक फाइलों में अटकी रही। इस वजह दापुरमल के लिए अब सड़क सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की उम्मीद बन गई है।

जल जीवन मिशन के तहत भी चल रहा बड़ा प्रोजेक्ट राज्य सरकार शाहापुर के पानी संकट से जूझ रहे गांवों के लिए जल जीवन मिशन के तहत नासिक जिले के इगतपुरी स्थित भावली बांध परियोजना पर भी काम कर रही है। कई गांवों में पाइपलाइन और नल कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का काम बाकी होने के कारण जलापूर्ति शुरू होने में अभी समय लग सकता है।

Updated on:
28 May 2026, 6:23 PM IST
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