Devendra Fadnavis on Ajit Pawar: पुणे महानगरपालिका चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे महायुति के भीतर बढ़ती तल्खी साफ दिखाई दे रही है।
महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। खास बात यह है कि राज्य सरकार में साथ सत्ता चला रहे दल ही कई जगहों पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर चुके हैं। इसका असर पुणे महानगरपालिका चुनाव (PMC Election) में साफ नजर आ रहा है, जहां उपमुख्यमंत्री अजित पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।
पुणे में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। हाल ही में अजित पवार द्वारा भाजपा पर की गई टिप्पणी के बाद अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा जवाब दिया है। पुणे में एक इंटरव्यू के दौरान फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराध के खिलाफ बोलने वाले ही अगर अपराधियों को टिकट देंगे, तो इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता।
सीएम फडणवीस ने कहा, "पुणे की आबादी लगभग 6 लाख है। आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों को उम्मीदवार के तौर पर टिकट देना क्यों जरूरी था? सब कहते हैं और मानते हैं कि अपराध खत्म होना चाहिए। मैंने कई भाषण सुने हैं जिनमें कहा गया था कि पुणे से 'कोयता गैंग' को खत्म कर दिया जाएगा और अपराध को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा… लेकिन जिन लोगों ने ये बयान दिए थे, वही लोग अब अपराधियों को टिकट दे रहे हैं और उनके सपोर्ट में बोल भी रहे हैं। यह बिल्कुल गलत है। मुझे लगता है कि पुणे के लोग इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे। इस चुनाव में मैंने तय किया था कि कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन जब ऐसे मुद्दे सामने आते हैं, तो मेरे अंदर का गृह मंत्री पूछता है, 'यह क्या हो रहा है?' एक तरफ आप कहते हैं कि अपराध खत्म होना चाहिए, दूसरी तरफ आप आपराधिक बैकग्राउंड वाले लोगों को टिकट देते हैं। मैं एक बात बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि अगर कोई अपराधी चुनाव जीत भी जाता है, तो उसकी जगह नगर निगम में नहीं होगी… उसकी जगह जेल में होगी।"
पुणे महानगरपालिका चुनाव में अजित पवार की एनसीपी ने कथित आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े परिवारों की तीन महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है। इनमें गजानन मारणे की पत्नी जयश्री मारणे, बंडू आंदेकर की बहू सोनाली आंदेकर और भाई की पत्नी लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सोनाली और लक्ष्मी जेल से ही चुनाव लड़ रही हैं। इसी को लेकर अजित पवार पर विपक्ष ही नहीं, बल्कि सहयोगी दलों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस पूरे विवाद पर अजित पवार ने पहले ही सफाई देते हुए कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अपराधी है, तो इसमें उसकी पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों का दोष कैसे माना जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (सचिन खरात गुट) के साथ चुनावी समझौता है और कुछ सीटें उसी के तहत दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने सीधे तौर पर किसी अपराधी को टिकट नहीं दिया है।
पीएमसी सहित महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी।