
Diwali Pollution Controversy: दिवाली पर पटाखे नहीं जलाने और प्रदूषण कम करने की अपील को लेकर अदाकारा दिया मिर्जा विवादों में घिर गई हैं। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने उनके अभियान पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि वह रमजान और बकरीद जैसे त्योहारों पर भी पर्यावरण संरक्षण की अपील क्यों नहीं करतीं? राणे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल हिंदू त्योहारों के समय ही पर्यावरण को लेकर चिंता जताते हैं। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
नितेश राणे ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दिया मिर्जा ने दिवाली पर प्रदूषण कम करने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। लेकिन रमजान, मुहर्रम और बकरीद के दौरान वह इस तरह की अपील करती नजर नहीं आतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर दिवाली और होली को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने की सलाह दी जाती है तो दूसरे धर्मों के त्योहारों पर भी ऐसी बातें क्यों नहीं कही जातीं?
राणे ने कहा कि पर्यावरण की चिंता सभी को होनी चाहिए और यह अपील किसी एक धर्म या त्योहार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने दिया मिर्जा जैसे लोगों पर सनातन हिंदू धर्म के खिलाफ होने का आरोप भी लगाया। मंत्री ने कहा कि वह इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उठाएंगे और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने पर ध्यान दिया जाएगा।
यह पूरा विवाद मुंबई में प्रदूषण कम करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से चलाए गए अभियान से जुड़ा है। दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले धुएं और शोर को कम करने के लिए बीएमसी ने लोगों से त्योहार को पर्यावरण का ध्यान रखते हुए मनाने की अपील की थी। इस अभियान में लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए नगर निगम ने कई जाने-माने चेहरों के वीडियो भी तैयार कराए थे।
इनमें अभिनेत्री दिया मिर्जा, माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी शामिल थे। दिया मिर्जा ने अपने वीडियो में लोगों से पटाखे नहीं जलाने और दिवाली पर शोर-शराबे से बचने की अपील की थी। उनका संदेश सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई।
मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने दिया मिर्जा के वीडियो पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि दिवाली कैसे मनाई जाए, इस बारे में अभिनेत्री से सलाह लेने की जरूरत नहीं है। इस विवाद के बीच बीएमसी ने अपने सोशल मीडिया पेज से दिया मिर्जा का वीडियो हटा दिया।
वीडियो हटने के बाद भी यह मामला शांत नहीं हुआ। अब नितेश राणे ने रमजान और बकरीद का जिक्र करते हुए अभिनेत्री के अभियान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके बयान ने दिवाली पर प्रदूषण कम करने की अपील को एक नई राजनीतिक बहस में बदल दिया है। इस पूरे विवाद में अब सवाल सिर्फ पटाखों और प्रदूषण का नहीं, बल्कि अलग-अलग त्योहारों को लेकर की जाने वाली अपीलों में समानता का भी बन गया है।