
Shastri Nagar Hospital: महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ हुई बदसलूकी का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां एक महिला डॉक्टर और स्टाफ के साथ हुई धक्का-मुक्की के मामले में अब पूर्व पार्षद रमेश म्हात्रे का बयान सामने आया है। म्हात्रे ने इस घटना पर दुख जताया है, लेकिन साथ ही उन्होंने डॉक्टर पर हाथ उठाने के आरोप को पूरी तरह से गलत बताया है। उनका कहना है कि CCTV कैमरे के गलत एंगल की वजह से गलतफहमी पैदा हुई है, उन्होंने किसी महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया।
एएनआई से बातचीत में रमेश म्हात्रे ने कहा कि मुझे इस घटना पर अफसोस है। मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि मैंने महिला डॉक्टर पर हाथ नहीं उठाया। सीसीटीवी फुटेज में कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा प्रतीत हो सकता है।
उन्होंने दावा किया कि विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि डॉक्टर उनकी शिकायत सुनने के बजाय फोन पर बात कर रही थीं।
म्हात्रे ने कहा कि हम बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से प्रेरित हैं। हमने कभी महिलाओं पर हाथ नहीं उठाया और भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे। यह घटना अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों के कारण हुई है। हम इन खामियों को दूर करने का प्रयास करेंगे।
पुलिस के अनुसार, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के विरोध और दबाव के बाद मंगलवार रात रमेश म्हात्रे और उनके पांच साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि पार्षद, उनके चार पुरुष समर्थकों और एक महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी, जानबूझकर अपमान, गैरकानूनी जमावड़ा और दंगा जैसी धाराएं शामिल हैं।
सोमवार को डोंबिवली के शास्त्री नगर जनरल अस्पताल में कार्यरत संविदा डॉक्टर डॉ. वैभव सालुंखे और डॉ. श्रुति बाविस्कर पर रमेश म्हात्रे और उनके पांच सहयोगियों द्वारा कथित रूप से हमला किए जाने का आरोप है। बीच-बचाव करने पहुंचीं नर्स नमिता उबाले और द्रव्य गिरी के साथ भी कथित मारपीट की गई।
बताया गया कि अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में जगह नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए सायन अस्पताल रेफर किया था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। डॉक्टरों का आरोप है कि पार्षद रमेश म्हात्रे ने चिकित्सा संबंधी परिस्थितियों को समझे बिना उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और मारपीट की। वहीं, बचाव करने आईं दोनों नर्सें भी कथित हमले का शिकार हुईं।