वातावरण ( Atmosphere ) में उतार-चढ़ाव से 30 प्रतिशत बढ़े संक्रामक रोग ( Infectious Disease ), मुंबईकरों ( Mumbaikars ) को सूखी खांसी ( Cough ), ठंड ( Cold ) और गले में खराश ( Sore Throat ) की शिकायतें, बढ़ते प्रदूषण ( Increasing pollution ) और बदलते मौसम (Changing Seasons ) ने मुंबई में बढ़ाई ठंड, दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा रोगों का प्रकोप ( Outbreak Of Diseases )
मुंबई. सुबह की गुलाबी ठंड, बारिश के साथ-साथ बादल छाए रहने, बढ़ते प्रदूषण और धूल ने पिछले कुछ दिनों से मुंबई में कड़ाके की ठंड होना शुरू हो गई है। इनके चलते मुंबईवासियों को सूखी खांसी, ठंड और गले में खराश की शिकायतें हो रही है। वहीं संक्रामक रोगों का प्रचलन दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। वातावरण में बदलाव, वर्षा और गर्मी में अनियमितताओं से वातावरण में वायरस तैयार हो रहा है। इस वातावरण के कारण सर्दी-खांसी समेत संक्रामक रोगों का प्रचलन 30 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
समय पर उपचार की जरूरत...
वर्तमान में पालिका अस्पताल में सर्दी खांसी के साथ संक्रामक रोग के रोगियों में वृद्धि हुई है। अनियमित वातावरण के कारण बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ गया है। साथ ही ऐसे वातावरण ने लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कम कर दिया है। वहीं आतिशबाजी के कारण नागरिकों में सांस लेने तक की समस्या महसूस किया जाने लगा है। इसलिए सांस की बीमारी वाले रोगियों को ध्यान रखना चाहिए और धुएं में जाने से बचना चाहिए। केईएम अस्पताल के संस्थापक हेमंत देशमुख ने कहा है कि पुरानी खांसी को ठीक करने के लिए समय पर उपचार और जांच की भी आवश्यकता होती है।
मुंह पर मास्क पहनने की सलाह...
उल्लेखनीय है कि फिलहाल अक्टूबर में भी मुंबई में हिट है। वहीं बेमौसम बारिश भी पर्यावरण में जबरदस्त बदलाव हो रहा है। दूसरी ओर दिवाली में मुंबई में हमेशा पटाखों को लेकर प्रदूषण भी बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से सबसे ज्यादा प्रदूषण छोटे बच्चों, नागरिकों के लिए हो रहा है, जिनकी प्रतिरक्षात्मक क्षमता कम हो रही है। इसलिए ऐसे वातावरण में डॉक्टर मुंह पर मास्क पहनने की सलाह भी देते हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखे चलाने से भी बचना चाहिए।