मुंबई

Maharashtra Political Crisis: पुत्र और प्रवक्ता बालासाहेब के शिवसैनिकों को बोल रहे भैंस-कुत्ता, उद्धव ठाकरे की अपील का एकनाथ शिंदे ने दिया जवाब

शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को बागियों से कहा कि वें वापस आएं और उनसे बात करें, साथ बैठकर चर्चा कर सारे मतभेदों को दूर किया जाएगा। हालांकि उनकी इस अपील का एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले बागी खेमे पर कुछ खासा असर पड़ता नहीं दिख रहा। उलटा शिंदे ने उद्धव पर पलटवार कर आरोप लगाये है।
2 min read
• •
Updated: 28 Jun 2022, 8:59 PM IST
uddhav_thackeray_eknath.jpg
शिवसेना के 40, ठाकरे गुट के 14 विधायकों को नोटिस

Maharashtra Political Crisis News: शिवसेना विधायकों के बगावत के बाद महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार सत्ता में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही है. इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने विद्रोही विधायकों को मनाने की आज एक और कोशिश की. इसके तहत उन्होंने नरमी दिखाते हुए पार्टी के बागी खेमे से राज्य में वापस लौटने की इमोशनल अपील की. उन्होंने बागियों से कहा कि वें आएं और उनसे बात करें, साथ बैठकर चर्चा कर सारे मतभेदों को दूर किया जाएगा। हालांकि उनकी इस अपील का एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले बागी खेमे पर कुछ खासा असर पड़ता नहीं दिख रहा। उलटा शिंदे ने उद्धव पर पलटवार कर आरोप लगाये है।

उद्धव ठाकरे की अपील के जवाब में बागी नेता एकनाथ शिंदे ने ट्विटर पर कहा, “एक तरफ आपका बेटा (आदित्य ठाकरे) और प्रवक्ता (संजय राउत) बालासाहेब के शिवसैनिकों को सुअर, भैंस, गंदगी, कुत्ते और लाश बुला सकते हैं और दूसरी तरफ हिंदू विरोधी एमवीए सरकार को बचाने के लिए उन्हीं विधायकों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका क्या मतलब है?" यह भी पढ़ें-Maharashtra Political Crisis: उद्धव ठाकरे को मिला कैबिनेट का समर्थन, सीएम पद से नहीं देंगे इस्तीफा, अब बागी उठाएंगे ये कदम

शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को गुवाहाटी में डेरा डाले हुए अपनी पार्टी के विधायकों से वापस लौटने की अपील की। ठाकरे ने कहा, "आप में से कई हमारे संपर्क में हैं और अभी भी शिवसेना से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। कई परिवारों ने भी हमसे संपर्क किया है और अपनी भावनाओं से हमें अवगत कराया है।" उन्होंने आश्वासन दिया कि शिवसेना परिवार के मुखिया के रूप में, उन्होंने उनके विचारों का सम्मान किया है और वे अपने दिल से यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि अभी तक 'कोई भी पार्टी से बाहर नहीं है'।

ठाकरे ने अपील करते हुए कहा, "मैं आप सभी से अपील करता हूं। मेरे सामने आइए। लोगों और शिवसैनिकों के मन में फैली भ्रांतियों को दूर करें।" ठाकरे ने निष्कर्ष निकाला, "मेरे सामने आओ और अपने विचार प्रस्तुत करें, आइए समाधान निकालें। मुझे अभी भी आपकी चिंता है।" उन्होंने दावा किया कि शिवसेना ने उन्हें जो सम्मान दिया है वह उन्हें और कहीं नहीं मिल सकता।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार संकट से जूझ रही है क्योंकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में उसके अधिकांश विधायकों ने विद्रोह कर दिया है और वे वर्तमान में गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं। शिंदे ने आज दावा किया कि उनके साथ गुवाहाटी में 50 विधायक मौजूद है।

Updated on:
28 Jun 2022, 8:59 PM IST
Published on:
Also Read
View All
पंकज त्रिपाठी ने फिल्मों में आने से पहले होटल में किया था काम, 2 साल होटल में छीलते रहे प्याज और आलू

माही विज के आंसुओं पर सलमान खान ने तोड़ी चुप्पी, बिग बॉस मेकर्स पर लगे आरोपों का दिया करारा जवाब

मुंबईकरों को बड़ी राहत! अब BEST बस में भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, छुट्टे पैसों की झंझट होगी खत्म

‘एनिमल’ से ‘वध’ तक नेगेटिव रोल निभाने वाले सौरभ सचदेवा ने टाइपकास्टिंग पर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मैं खुद को एक दायरे में नहीं बांधता’

‘तेज प्रताप यादव को बिहार की जनता ने किया रिजेक्ट’, गौतम गुलाटी के सपोर्ट में उतरे तहसीन शहजाद, बोले- पॉलिटिक्स में भी फ्लॉप