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मजबूत एकनाथ शिंदे बढ़ाएंगे देवेंद्र फडणवीस की परेशानी! महाराष्ट्र में बीजेपी से अधिक MP से बढ़ेगी डिप्टी सीएम की ताकत

Maharashtra Politics Update: महाराष्ट्र की राजनीति एक नए दिलचस्प मोड़ की दहलीज पर खड़ी है। दरअसल, उद्धव ठाकरे की शिवसेना में फूट की वजह से अब एकनाथ शिंदे की सियासी ताकत बढ़ने वाली है। भाजपा से ज्यादा सांसदों की संख्या होने के बाद महायुति सरकार में डिप्टी सीएम शिंदे और भी मजबूत हो जाएंगे, जिसके बाद सीएम फडणवीस की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।

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Jun 18, 2026
eknath shinde and devendra fadnavis
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस, फोटो सोर्स- IANS

BJP vs Shiv Sena Shinde: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में टूट से महाराष्ट्र की राजनीति में एकनाथ शिंदे का कद बढ़ सकता है। शिंदे फिलहाल राज्य के उप-मुख्यमंत्री जरूर हैं, लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले तक भाजपा गठबंधन में उन्हें जितनी अहमियत दी जाती थी, उसमें कमी आई है।

शिंदे कई मौकों पर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। एकनाथ शिंदे समर्थक भी मानते हैं कि नंबरों के गणित में पिछड़ने से ‘साहेब’ का प्रभाव कम हुआ है। 2024 के चुनाव में भाजपा को बम्पर सीटें मिलीं, जिससे एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर भाजपा की निर्भरता कम हुई। शिंदे को मुख्यमंत्री से सीधा उप-मुख्यमंत्री बना दिया गया। और यहीं से राज्य की सियासत में उनके घटते कद पर चर्चा शुरू हो गई।

सेंधमारी की मजबूरी

एकनाथ शिंदे ने 2022 के बाद शिवसेना UBT में कोई सेंधमारी नहीं की, लेकिन अब उनके लिए यह जरूरी हो गया है। अगर उद्धव ठाकरे के 6 सांसद उनकी पार्टी में आते हैं, जैसा कि दावा किया जा रहा है, तो लोकसभा में शिंदे की स्थिति मजबूत हो जाएगी। महाराष्ट्र में अभी भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन की सरकार है। इस गठबंधन में शिंदे की शिवसेना के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) भी शामिल है।

एकनाथ शिंदे ने 2022 में अपने पूर्व बॉस उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका देते हुए शिवसेना को तोड़ दिया था और महाराष्ट्र में ठाकरे की महाविकास अघाड़ी सरकार गिरा दी। इसके इनाम स्वरूप उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली, लेकिन 2024 के चुनाव में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के चलते बीजेपी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छीन ली और शिंदे को डिप्टी सीएम से संतोष करना पड़ा।

लोकसभा में बढ़ेगा कद

महायुति गठबंधन में इस समय बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में है। 288 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 132 विधायक हैं। जबकि शिंदे सेना के पास 57 विधायक हैं। लोकसभा की बात करें, तो महाराष्ट्र की 42 सीटों में से भाजपा के पास 9 और शिंदे सेना के खाते में 7 हैं। ऐसे में अगर उद्धव के छह सांसद एकनाथ शिंदे का हाथ थामते हैं, तो शिंदे सेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी। यानी एकनाथ शिंदे भाजपा से मोलभाव की ज्यादा बेहतर स्थिति में आ जाएंगे और इससे महायुति गठबंधन के समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।

फडणवीस के लिए बुरी खबर

एकनाथ शिंदे गुट के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें मिलने से भाजपा के स्वभाव और कार्यशैली में बड़ा अंतर आया है। शिवसेना के प्रति उसका नजरिया बदला है। अगर लोकसभा में हमारे सांसदों की संख्या बढ़ती है, तो गठबंधन में भी पार्टी की स्थिति मजबूत होगी और भाजपा को पहले की तरह हमें गंभीरता से लेना होगा।

महाराष्ट्र की राजनीति पर पकड़ रखने वालों का भी मानना है कि लोकसभा में शिंदे की मजबूती से राज्य की सियासत में उनका कद बढ़ेगा और यह देवेन्द्र फडणवीस के लिए अच्छी खबर नहीं है। अभी, राज्य सरकार पर उनका पूर्ण नियंत्रण है। मंत्रियों के विभागों के बंटवारे से लेकर निगम-मंडलों में नियुक्ति तक, हर फैसले में मुख्यमंत्री फडणवीस की ही चलती है।

पूर्व में ऐसी खबरें भी आई थीं कि शिंदे के मुख्यमंत्री-काल वाली कुछ योजनाओं को फड़नवीस सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन अब उनके लिए यह आसान नहीं होगा। भाजपा और फड़नवीस को शिंदे को ज्यादा तवज्जो देनी होगी।

कुल मिलाकर, शिवसेना UBT में सेंधमारी जहां उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका है। वहीं, इससे देवेन्द्र फडणवीस की भी परेशानी बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में इसका असर महाराष्ट्र की सियासत में देखने को मिलेगा। एकनाथ शिंदे भले ही राज्य के बॉस न बनें, लेकिन बॉस की तरह नेगोशिएट वाली स्थिति में जरूर आ जाएंगे।

Published on:
18 Jun 2026 01:38 pm