मुंबई

‘HC के आदेश पर इतिहास में पहली बार EVM की जांच,’ दावे पर चुनाव आयोग ने जारी किया स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में EVM की अदालत की निगरानी में जांच के दावे के बीच महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने चांदीवली सीट को लेकर चल रही खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।

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Apr 10, 2026
bombay high court, ANI photo

Bombay high Court: सोशल मीडिया पर और कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की तकनीकी विश्वसनीयता की जांच अब सीधे तौर पर अदालत की निगरानी में की जाएगी। कहा जा रहा था कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की चांदीवली विधानसभा सीट की मशीनों को जांच करने की अनुमति दे दी है। लेकिन इन सभी दावों के बीच महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने मुंबई उपनगर जिले के चांदीवली निर्वाचन क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के निरीक्षण को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर स्पष्टीकरण जारी किया है।

दरअसल, एक्स पर किए गए ट्वीट स्पष्ट किया गया है कि कांग्रेस नेता नसीम खान ने दावा किया था कि महाराष्ट्र में पहली बार EVM का ऐसा तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए, महाराष्ट्र मुख्य चुनाव कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण एक मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। कार्यालय ने नसीम खान के उस दावे को पूरी तरह आधारहीन बताया है, जिसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र में पहली बार EVM की ऐसी जांच की जा रही है।

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क्या थी खबर?

खबरों में दावा किया जा रहा था कि बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन ने कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री नसीम खान की याचिका पर यह फैसला सुनाया। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में नसीम खान को चांदीवली सीट से करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। खान ने आरोप लगाया था कि चुनाव परिणामों में विसंगतियां हैं और मशीनों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है। अदालत ने उनके 'भ्रष्ट आचरण' के आरोपों को तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन तकनीकी पारदर्शिता के हक में EVM के निरीक्षण की अनुमति दे दी। कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला कांग्रेस नेता नसीम खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। आदेश के अनुसार, ईवीएम की जांच 6 और 17 अप्रैल को होगी। वहीं, अब आयोग की तरफ से इन सभी पर पानी फेर दिया गया है और साफ कहा गया है कि यह महज एक यह निरीक्षण एक मानक प्रक्रिया का हिस्सा है जो करना अनिवार्य है।

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