
अगले 7 दिनों में देश में मानसून की एंट्री की उम्मीद (Photo: IANS/File)
महाराष्ट्र में इस साल मानसून को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के दूसरे दीर्घकालिक पूर्वानुमान में संकेत मिले हैं कि राज्य को इस वर्ष सामान्य से काफी कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मानसून सीजन के दौरान महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में औसत से काफी कम वर्षा होने की संभावना है।
आईएमडी के ताजा अनुमान के मुताबिक, महाराष्ट्र में जून से सितंबर तक चलने वाले पूरे मानसून सीजन में सामान्य वर्षा की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज हो सकती है। उत्तर महाराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में तो बारिश की कमी 65 प्रतिशत से भी अधिक रहने की आशंका जताई गई है। आमतौर पर भारी बारिश के लिए पहचाने जाने वाले कोंकण क्षेत्र में भी इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की कमी का असर जून महीने से ही दिखने लगेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों में सामान्य के आसपास बारिश हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मानसून की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत हैं।
विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र, जहां मानसून के शुरुआती दो महीनों में भारी बारिश होती है, वहां भी जून में 45 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज होने की संभावना है। इससे जल्दी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद भी कम दिखाई दे रही है।
कम बारिश का असर तापमान पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में कोंकण क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। वहीं मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तपन महसूस होने की संभावना है। रात के समय भी लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। जून से सितंबर तक के चार महीने के मानसून सीजन में देश भर में औसत वर्षा का केवल 90 प्रतिशत ही होने की उम्मीद है। हालांकि उत्तर भारत के कुछ इलाकों, पूर्वोत्तर भारत के चुनिंदा क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में औसत से अधिक बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों को छोड़कर देश के बड़े हिस्से में कमजोर मानसून के संकेत मिले हैं।
इस बीच मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले सात दिनों के भीतर केरल में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मानसून के आगमन की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है, लेकिन अगले सप्ताह इसके केरल और दक्षिण भारत में सक्रीय होने का अनुमान है। केरल में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 1 जून है।
मुंबई में रविवार से अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पालघर और ठाणे जिलों के लिए रविवार को हल्की से मध्यम बारिश तथा सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भी सोमवार और मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
Updated on:
30 May 2026 04:34 pm
Published on:
30 May 2026 04:34 pm
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