
Jalgaon Family died due to Electric Shock: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के एरंडोल तालुका के वारखेड़ी गांव में बुधवार तड़के एक हृदय विदारक हादसा हुआ। खेत में लगे बिजली के करंट वाले तार के संपर्क में आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग सास शामिल हैं। हालांकि इस दर्दनाक हादसे में परिवार की डेढ़ साल की बच्ची दुर्गा चमत्कारिक रूप से बच गई।
मृतकों की पहचान विकास रामलाल पावरा (32), उनकी पत्नी सुमन पावरा (28), बेटा पवन (8), बेटा कवल (6) और 60 वर्षीय सास के रूप में हुई है। हादसे के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मासूम दुर्गा अपने परिवार के शवों के पास बैठी रो रही थी। यह दृश्य देखकर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। मौके पर पहुंची महिला पुलिसकर्मी मधुरा पवार ने बच्ची को गोद में लेकर उसे संभालने की कोशिश की। बाद में बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, गांव के किसान बंडू पाटिल ने अपने मक्के की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए तार का बाड़ लगाया था और उसमें करंट छोड़ा था। इसी दौरान मजदूरी करने वाला विकास पावरा अपने परिवार के साथ खेत के पास बनी पगडंडी से गुजर रहा था। अंधेरे में उन्हें करंट का अंदेशा नहीं था और तार को छूते ही पूरा परिवार करंट की चपेट में आ गया।
अगले दिन सुबह जब खेत के मालिक पाटिल वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दो साल की मासूम दुर्गा अपने परिवार की लाशों के बीच बैठकर रो रही थी। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गई।
एरंडोल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर नीलेश गायकवाड़ ने बताया कि पीड़ित परिवार जमींदार के खेत में रातभर रुका था। जमींदार ने अपने मक्का खेत में जंगली सूअरों को आने रोकने के लिए चारों ओर बिजली का तार वाला बाड़ लगाया था। संभवतः परिवार ने गलती से तार को छू लिया और करंट की चपेट में आ गए।
इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में इस तरह करंट वाले तार लगाना बेहद खतरनाक है और इस पर रोक लगनी चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।