
मुंबई और उपनगरों के लाखों यात्रियों को राहत देने वाला पनवेल-बोरीवली-वसई लोकल ट्रेन कॉरिडोर (Panvel-Borivali-Vasai Rail Corridor) अब हकीकत बनने जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को हाल ही में कैबिनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक में मंजूरी दे दी गई। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-3B) के अंतर्गत विकसित होगा।
यह उपनगरीय लोकल कॉरिडोर 69.23 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत 12,710 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। यह मार्ग पनवेल से शुरू होकर वसई होते हुए बोरीवली और विरार तक पहुंचेगा। इस लाइन पर कुल 19 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें भिवंडी रोड, नवी डोंबिवली, कोपर, तलोजा पानचंद, कलंबोली और बोरीवली जैसे स्टेशन शामिल होंगे।
अभी तक नवी मुंबई (पनवेल) से बोरीवली या वसई जाने वाले यात्रियों को कुर्ला या वडाला तक आकर लोकल ट्रेन बदलनी पड़ती थी। नए कॉरिडोर से यह परेशानी खत्म हो जाएगी और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे रोजाना पश्चिम मुंबई में कामकाज के लिए आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। पश्चिमी उपनगरों के यात्रियों के लिए भी यह मार्ग बहुत फायदेमंद होगा, क्योंकि अब वे पनवेल से सीधे गोवा या पुणे जाने वाली लंबी दूसरी की ट्रेनें भी पकड़ सकेंगे।
इस लोकल ट्रेन के नए कॉरिडोर से लूम पॉवर इंडस्ट्री के नाम से पहचान रखने वाले भिवंडी शहर को अब नवी मुंबई और पश्चिम मुंबई से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे भिवंडी के विकास को नई दिशा मिलेगी। शिलफाटा रोड पर स्थित पलावा, रुनवाल सिटी जैसी बड़ी आवासीय परियोजनाओं के निवासियों को भी इस रेल मार्ग से राहत मिलेगी। उन्हें सीधे बोरीवली और वसई तक तो दूसरी ओर पनवेल तक आसान पहुंच मिलेगी।
यह परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाओं में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से मध्य और हार्बर लाइन पर यात्रियों का दबाव कम हो जाएगा। इससे मौजूदा भीड़भाड़ में कमी आएगी और यात्रियों का सफर पहले से तेज और आरामदायक होगा।