1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिल्पा शेट्टी के मॉर्फ्ड वीडियो को हटाने का आदेश, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- यह बेहद आपत्तिजनक है

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब शिल्पा शेट्टी सहित देश में कई नामी हस्तियां एआई से बने डीपफेक और फर्जी विज्ञापनों के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा रही हैं।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Dec 26, 2025

Shilpa Shetty morphed video image case

शिल्पा शेट्टी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत (Photo: IANS)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी कुंद्रा द्वारा दायर 'पर्सनैलिटी राइट्स' सूट पर सुनवाई करते हुए एक बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर किसी महिला के व्यक्तित्व को इस तरह से चित्रित नहीं किया जा सकता, जिससे उसके निजता के मौलिक अधिकार का हनन हो।

कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

न्यायमूर्ति अद्वैत एम. सेठना (Justice Advait M Sethna) की अवकाशकालीन पीठ ने शिल्पा शेट्टी की तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ (Morphed) कर बनाए गए 'डीपफेक' कंटेंट पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने इस तरह के कंटेंट को प्रथम दृष्टया बेहद परेशान करने वाला और आपत्तिजनक करार दिया है।

अदालत ने कहा कि शिल्पा शेट्टी एक प्रतिष्ठित फिल्म और टीवी हस्ती हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर 3.33 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। अदालत के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा कंटेंट न सिर्फ अशोभनीय है, बल्कि उनकी छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे कंटेंट को जारी रहने देना उनके सम्मानपूर्वक जीवन जीने के मौलिक अधिकार के खिलाफ होगा।  

सोशल मीडिया और AI कंपनियों को कड़े निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने विभिन्न संस्थाओं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मामले से संबंधित AI कंपनियों को आदेश दिया है कि शिल्पा शेट्टी की मॉर्फ्ड तस्वीरों और वीडियो वाले सभी URL, लिंक और पोस्ट को तुरंत हटा दिया जाए या उन तक पहुंच को बंद कर दी जाए। बिना अनुमति के उनके नाम, आवाज और व्यक्तित्व का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल न हो।

साड़ी और अवैध विज्ञापन का है मामला

शिल्पा शेट्टी की वकील सना रईस खान ने कोर्ट में दलील दी कि अभिनेत्री की तस्वीरों और उनकी पहचान का बिना अनुमति साड़ियों और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यह न केवल कॉपीराइट अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि उनकी निजता और प्रतिष्ठा पर भी हमला है।

सभी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार- कोर्ट

हाईकोर्ट ने जोर देकर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने और निजता का अधिकार प्राप्त है। बिना जानकारी या सहमति के किसी की तस्वीर का दुरुपयोग करना इस अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स से जुड़े बड़े कानूनी सवालों पर फैसला नियमित बेंच करेगी। फिलहाल वह इस आधार पर अंतरिम आदेश दे रही है कि बिना सहमति शिल्पा शेट्टी की तस्वीर का इस्तेमाल कर इस तरह का कंटेंट प्रसारित नहीं किया जा सकता।