
मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्र साहिल के मामले में उसके परिवार का अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा कि उन्हें जांच अधिकारी और मुंबई अपराध शाखा की जांच पर पूरा भरोसा है। उन्हें विश्वास है कि पुलिस मामले की अच्छी तरह जांच करेगी, लेकिन जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अनशन जारी रहेगा। रवींद्र वाकोडे ने कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्हें रोजाना अनशन करने की अनुमति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी केवल एक मांग है कि मामले में गिरफ्तारी हो। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे। वकील निखिल कांबले ने बताया कि साहिल के परिवार के अनशन को तीन दिन हो चुके हैं। नियमानुसार शाम छह बजे अनशन समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि अगले दिन फिर अनशन करने के लिए आवेदन किया गया है। पुलिस की तरफ से अनुमति मिलने पर परिवार फिर अनशन करेगा।
वकील निखिल कांबले के अनुसार साहिल के परिवार को अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका है। परिवार का कहना है कि मामले में आरोपी बताए जा रहे दो लोगों, निदेशक केदार और प्रोफेसर दुल्ला को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। परिवार का दावा है कि दोनों प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उनके प्रभाव के कारण मामले से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है। निखिल कांबले ने कहा कि परिवार की ओर से सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक होने को भी चिंता का विषय बताया गया है।
परिवार का आरोप है कि इस मामले में कहीं न कहीं साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज का बाहर आना इसका एक संकेत है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। परिवार ने सुरक्षा की मांग को लेकर मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र भी दिया है। वकील ने बताया कि पत्र में साहिल के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि जब तक मामले में गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वह अपनी मांग को लेकर अनशन जारी रखेगा।