
Mumbai Protest:अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद इस मामले में बयानबाजी तेज हो गई है। अभिनेता और भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र चौहान ने सरकार से मांग की है कि इमरान को 12 दिन का समय देने के बजाय 24 घंटे के भीतर देश से बाहर भेज दिया जाए। उन्होंने इमरान के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर भी सवाल उठाए और उन पर गंभीर आरोप लगाए।
गजेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार को इमरान खान को देश छोड़ने के लिए दी गई समय सीमा का इंतजार नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, इमरान को 24 घंटे के भीतर भारत से बाहर भेजने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
चौहान ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं है और उसे वोट देने या चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है, तो वह विरोध प्रदर्शन में कैसे शामिल हो सकता है? हालांकि, किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार और किसी विदेशी नागरिक के भारत में रहने से जुड़े नियम अलग-अलग कानूनी सवाल हैं।
गजेंद्र चौहान ने अपने बयान में इमरान खान को 'देशद्रोही' कहा। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे लोग देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही सरकार से जल्द कार्रवाई करने की अपील की, ताकि अगर इस तरह की गतिविधियों में दूसरे लोग भी शामिल हों, तो उनकी पहचान की जा सके।
हालांकि, ये गजेंद्र चौहान के आरोप हैं। केवल किसी को 'देशद्रोही' कह देने से आरोप साबित नहीं हो जाता। इस मामले में संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्थिति साफ होगी।
खबरों के मुताबिक, इमरान खान को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया। बताया गया है कि इमरान अमरीकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन में शामिल होने को इमिग्रेशन नियमों से जुड़ा मामला बताया है। उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने की खबर है।
अब इस मामले में सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर है। गजेंद्र चौहान ने 24 घंटे में इमरान को देश से बाहर भेजने की मांग की है, लेकिन यह उनकी मांग है, सरकार का घोषित फैसला नहीं। नोटिस का कानूनी आधार और इस पर आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह भी अहम होगा।