सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में रणवीर इलाहाबादिया की टिप्पणियों को अश्लील कहा था और कहा था कि उनके दिमाग में गंदगी भरी है, जो समाज को शर्मसार करती है।
समय रैना के विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ (India’s Got Latent) में अश्लील टिप्पणी कर फंसे यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को देश की शीर्ष सुप्रीम कोर्ट ने उनके पासपोर्ट को रिलीज करने का आदेश दिया है।
पासपोर्ट वापस करने के अनुरोध वाली याचिका पर आज सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि इलाहाबादिया के संबंध में जांच पूरी हो गई है और उन्हें कुछ शर्तों के साथ राहत दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबादिया को महाराष्ट्र साइबर सेल से पासपोर्ट हासिल करने के लिए आवेदन करने की अनुमति दी है। साथ ही इलाहाबादिया को निर्देश दिया है कि जब भी जरूरत होगी उन्हें पेश होना पड़ेगा। इससे पहले सुनवाई के दौरान पॉडकास्टर के वकील ने कहा था कि इलाहाबादिया जांच में सहयोग कर रहे हैं, जहां भी पूछताछ के लिए बुलाया जाता है, वहां वह जाते हैं।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को इस शर्त पर अपने पॉडकास्ट को फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी कि वह शालीनता और नैतिकता के मानकों को बनाए रखेंगे। साथ ही भविष्य में फिर ऐसी गलती न करने की शर्त पर उन्हें गिरफ्तारी से राहत भी दी थी।
शीर्ष अदालत ने यूट्यूब कार्यक्रम के दौरान टिप्पणियों को लेकर इलाहाबादिया के खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकी के संबंध में 18 फरवरी को उन्हें गिरफ्तारी से राहत प्रदान की थी। तब उन्हें ठाणे (महाराष्ट्र) के नोडल साइबर पुलिस थाने के जांच अधिकारी के पास अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था।
18 फरवरी को इलाहाबादिया को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टिप्पणियों को अश्लील कहा था और कहा था कि उनके दिमाग में गंदगी भरी है, जो समाज को शर्मसार करती है।
‘बीयरबाइसेप्स’ के नाम से मशहूर रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ में माता-पिता के यौन संबंधों पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में इलाहाबादिया और रैना के अलावा कॉमेडियन आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अपूर्व मखीजा उर्फ द रिबेल किड भी आरोपी हैं।