
Social Media News: सोशल मीडिया पर लोगों की आवाज को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम से पोस्ट और अकाउंट हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे लोगों की परेशानियां और उनके सवाल खत्म नहीं होंगे। उनके मुताबिक, इंस्टाग्राम सिर्फ अपनी बात कहने का एक जरिया है। लोग वहां जो सवाल उठा रहे हैं, उनकी वजहें सोशल मीडिया से बाहर हैं।
दीपके ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि सरकार हर दिन बड़ी संख्या में पोस्ट और अकाउंट हटवा रही है। लेकिन उनके मुताबिक, ऐसा करने से उन मुद्दों का हल नहीं निकलेगा, जिनको लेकर लोग सवाल पूछ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर किसी बात को लेकर लोगों में नाराजगी है, तो पोस्ट हटाने के बजाय यह समझना जरूरी है कि आखिर वे सवाल क्यों उठा रहे हैं।
अभिजीत दीपके का कहना है कि इंस्टाग्राम पर सवाल उठाने वाले लोगों की बात को केवल अकाउंट या पोस्ट हटाकर खत्म नहीं किया जा सकता। अगर किसी मुद्दे पर लोग जवाब मांग रहे हैं, तो उस मुद्दे का जवाब देना जरूरी है। सोशल मीडिया पर कार्रवाई करने से लोगों की परेशानी दूर नहीं होगी।
दीपके ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों का भरोसा कम हो सकता है। उनके मुताबिक, जिन लोगों के सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए, अगर उन्हीं की आवाज को रोकने की कोशिश की जाती है, तो इससे नाराजगी और बढ़ सकती है।
उनकी बात का सीधा मतलब है कि सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के पीछे की वजह को समझना जरूरी है। केवल पोस्ट हटाने से न तो सवाल खत्म होंगे और न ही लोगों की चिंता दूर होगी।
इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट हटाने के मामले में एक तरफ नियमों के खिलाफ सामग्री पर रोक लगाने की बात होती है, तो दूसरी तरफ लोगों की बात रखने के अधिकार को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि किसी सामग्री पर कार्रवाई किस वजह से की जा रही है और उसके पीछे क्या नियम हैं।
दीपके ने अपनी पोस्ट में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, लेकिन किसी खास मामले का पूरा ब्योरा नहीं दिया। फिलहाल संबंधित सरकारी विभाग की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।