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Iran Israel War: जिसका डर था वही हुआ… मुंबई में 20% होटल बंद, नासिक के 1200 उद्योगों पर संकट, दाह संस्कार तक ठप!

Gas Shortage: मुंबई के साथ-साथ पुणे और नागपुर में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं।

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Mar 10, 2026
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मुंबई में गहराया गैस संकट (Photo: IANS/File)

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में एलपीजी गैस की कमी महसूस होने लगी है।

युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में भारी बाधा आई है। इसका असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है। मुंबई के साथ-साथ पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर की भारी किल्लत देखी जा रही है। तेल कंपनियों ने फिलहाल 19 किलो और 5 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई सीमित कर दी है। इसके कारण होटल, ढाबे और छोटे फूड व्यवसायों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। गैस वितरण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 25 दिन पहले बुकिंग का नया नियम लागू किया है। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने में भी मदद होगी।

मुंबई के होटलों पर ताले: 50% रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

गैस की भारी कमी के कारण मुंबई का होटल उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। 'आहार' (एसोसिएशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट) के मुताबिक, आपूर्ति न होने की वजह से शहर के लगभग 20% होटल फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि अगर अगले तीन दिनों तक गैस की किल्लत जारी रही, तो मुंबई के 50% होटलों में कामकाज ठप हो सकता है। कमर्शियल गैस सिलिंडरों की अनुपलब्धता ने रेस्टोरेंट मालिकों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

महाराष्ट्र के उद्योगों पर संकट

इस अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि नासिक के औद्योगिक क्षेत्रों में भी दिखने लगा है। नासिक की अंबड और सातपुर एमआईडीसी में गैस की कमी के कारण कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। अनुमान है कि गैस आपूर्ति बाधित होने से लगभग 1200 छोटे और बड़े उद्योगों पर सीधा असर पड़ेगा।

महंगा हुआ सिलेंडर, आम आदमी की जेब पर दोहरी मार

गैस की कमी के बीच तेल कंपनियों ने कीमतों में भी बड़ा इजाफा कर दिया है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों (14.2 किलो) के दाम भी 60 रुपये बढ़ा दिए गए। आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए 25 दिनों का नया नियम लागू किया गया है। अब लोगों को घरेलू सिलेंडर के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, क्योंकि तेल कंपनियों ने आपूर्ति सीमित कर दी है।

पुणे के श्मशान घाटों पर असर

गैस संकट का असर अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी सेवाओं पर भी पड़ा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने के लिए पुणे नगर निगम (PMC) ने गैस आधारित श्मशान घाटों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। पुणे के 27 श्मशान घाटों में से 18 में एलपीजी का उपयोग होता है।

नगर आयुक्त नवल किशोर राम के अनुसार शहर में 27 श्मशान घाट हैं। इनमें से 18 जगहों पर एलपीजी आधारित भट्टियां हैं। श्मशान घाट की व्यवस्था में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है, या इसमें कोई रुकावट नहीं आई है। हालांकि गैस आपूर्ति में कमी के कारण इन स्थानों पर कमर्शियल गैस के उपयोग को कम करने का फैसला लिया गया है। हालांकि अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अन्य सुविधाओं का संतुलित उपयोग किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में युद्ध लंबा खिंचता है तो भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर आम जनता से लेकर उद्योग और होटल व्यवसाय तक सभी क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

Updated on:
10 Mar 2026 03:17 pm
Published on:
10 Mar 2026 12:16 pm