
Kalyan Latur Expressway Update: मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के ठाणे और कल्याण परिसर को सीधे मराठवाड़ा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने कल्याण-लातूर जन कल्याण एक्सप्रेसवे (Kalyan-Latur Jan Kalyan Expressway) को हरी झंडी दे दी है। यह 6-लेन का पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जो ठाणे, कल्याण, अहिल्यानगर, बीड, धाराशिव और लातूर जिलों को आपस में जोड़ेगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा बनाए जाने वाले इस 442 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर लगभग 35,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कल्याण से लातूर का मौजूदा 10 से 11 घंटे का सफर घटकर करीब 4 घंटे रह सकता है। जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट का अलाइनमेंट पूरा हो चुका है और अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे की सबसे खास विशेषताओं में माळशेज घाट में बनने वाली करीब 8 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है। सह्याद्रि की पर्वत श्रृंखला से गुजरने वाले इस हिस्से में लंबी सुरंग बनने से वाहन चालकों को घाट के खतरनाक और घुमावदार रास्तों के साथ-साथ ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मौजूदा NH-61 (कल्याण-अहमदनगर-नांदेड हाईवे) के समानांतर एक हाईस्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे ठाणे, कल्याण, अहिल्यानगर, बीड, धाराशिव और लातूर को सीधे जोड़ेगा। प्रस्तावित रूट के मुताबिक एक्सप्रेसवे कल्याण, मुरबाड, माळशेज घाट, ओतूर, आळेफाटा, अहिल्यानगर, पाथर्डी, बीड, मांजरसुंबा और अंबाजोगाई से होते हुए लातूर पहुंचेगा।
इससे मुंबई महानगर क्षेत्र और मराठवाड़ा के बीच न केवल यात्री परिवहन आसान होगा, बल्कि व्यापार और माल ढुलाई को भी गति मिलने की उम्मीद है।
कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के विरार-JNPT लिंक और क्षेत्र के रिंग रोड नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। यह लिंक कल्याण और बदलापुर के आसपास से गुजरता है।
इस कनेक्टिविटी के बाद लातूर और मराठवाड़ा से आने-जाने वाले वाहनों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधा और तेज मार्ग मिल सकेगा। साथ ही जेएनपीटी बंदरगाह तक माल की आवाजाही भी अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की एक और महत्वपूर्ण कड़ी विरार-अलिबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर से इसकी प्रस्तावित कनेक्टिविटी है। इसके जरिए कल्याण और ठाणे क्षेत्र से नवी मुंबई, वसई-विरार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अटल सेतु (MTHL) तक तेज कनेक्टिविटी का रास्ता खुलेगा।
इससे मुंबई महानगर क्षेत्र के दूर-दराज के हिस्सों, खासकर वसई-विरार, को भी राज्य के बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
लातूर की तरफ इस एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से प्रस्तावित है। इससे विदर्भ, मराठवाड़ा, कोकण और गोवा के बीच हाईस्पीड सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
इसके अलावा मराठवाड़ा में यह मार्ग निर्माणाधीन सूरत-चेन्नई इकोनॉमिक कॉरिडोर के नजदीक से गुजरेगा। इससे दक्षिण भारत की ओर जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक तेज मार्ग मिल सकता है।
कल्याण-लातूर एक्सप्रेसवे को भविष्य में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा तक आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी है। इसके तहत इसे बिदर और गुलबर्गा की दिशा में विस्तार देने की योजना पर विचार किया जा रहा है। ऐसा होने पर महाराष्ट्र के साथ कर्नाटक के महत्वपूर्ण हिस्सों के बीच भी सड़क संपर्क और मजबूत हो सकता है।
करीब 442 किमी लंबा यह छह लेन एक्सप्रेसवे सिर्फ मुंबई और लातूर के बीच दूरी कम करने वाला सड़क प्रोजेक्ट नहीं होगा, बल्कि इसे महाराष्ट्र के कई बड़े हाईस्पीड कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, JNPT, नवी मुंबई एयरपोर्ट, अटल सेतु, शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे और सूरत-चेन्नई कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मिलने पर इसका महत्व और बढ़ जाएगा।