Kangana Ranaut Tapori remark on Rahul Gandhi: भाजपा सांसद कंगना रनौत अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहती हैं। अब उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके बर्ताव से महिलाएं असहज महसूस करती हैं। उनके इस बयान पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री व शिवसेना उद्धव गुट के नेता आदित्य ठाकरे ने कटाक्ष किया है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की टिप्पणी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे लोगों (कंगना रनौत) को जवाब नहीं देना चाहता। राजनीति का भी एक स्टैंडर्ड होता है।
कंगना रनौत द्वारा राहुल गांधी पर की गई 'टपोरी' टिप्पणी पर शिवसेना (उद्धव गुट) विधायक ठाकरे ने कहा, "छी-छी ऐसे गंदे लोगों को हम जवाब नहीं देते...वो कुछ भी बोले, उस पर हम जवाब नहीं देना चाहते। देश की राजनीति का एक स्तर है और जहां तक उनकी (कंगना रनौत) बात है, तो उन्होंने महाराष्ट्र और मुंबई की तुलना पीओके से की थी- मुझे ऐसे व्यक्तियों को जवाब देना आवश्यक नहीं लगता।"
कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा सांसद कंगना रनौत के राहुल गांधी पर दिए बयान पर आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व प्रमुख नाना पटोले ने कंगना रनौत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कलाकार नहीं, सांसद हैं और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दिया गया बयान सही नहीं है।
मुंबई में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “कंगना रनौत के बारे में ज्यादा बोलना उचित नहीं है, क्योंकि वह एक महिला हैं और महिलाओं का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। राहुल गांधी क्या पहनें, यह तय करने का अधिकार कंगना रनौत को नहीं है। आजादी की लड़ाई के समय महात्मा गांधी धोती पहनते थे। तब भी अंग्रेजों ने उनकी आलोचना की थी, लेकिन उन्होंने ही देश को आजादी दिलाई। आज देश को भाजपा के प्रभाव से बाहर निकालने के लिए राहुल गांधी लगातार प्रयास कर रहे हैं और देश की जनता को समझा रहे हैं।“
पटोले ने आगे कहा, “भाजपा नेता कंगना रनौत जिस तरह से बयान दे रही हैं, उनके लिए कितना अच्छा या बुरा है, मैं नहीं कहूंगा। वह सांसद हैं, कलाकार नहीं हैं। बयान देने से पहले उन्हें सोचना चाहिए।“
इससे पहले, कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर प्रश्न खड़े किए थे। बुधवार को कंगना रनौत ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा था, "हम महिलाओं को बहुत ज्यादा देखकर असहज महसूस होता है। क्योंकि एकदम जैसे 'टपोरी' की तरह वो आते हैं और किसी को भी 'ये तू ऐसे करके, तू तड़ाक कर' कहते हैं। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो अनुचित शब्द इस्तेमाल करते हैं, जिससे बहुत असहज महसूस होता है।"