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‘शिक्षकों से मारपीट करते आपको देखा…’, मुंबई की मेयर रितु तावड़े की याचिका खारिज, अब चलेगा मुकदमा

Ritu Tawde teacher assault case: मुंबई नगर निगम (BMC) की मेयर रितु तावड़े को बड़ा झटका लगा है। सत्र न्यायालय ने 2016 के चर्चित शिक्षक मारपीट मामले में उनकी याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 18, 2026

Mumbai Mayor Ritu Tawde

मुंबई की नई मेयर रितु तावडे

मुंबई की एक अदालत ने 2016 में दो स्कूल शिक्षकों के साथ मारपीट के मामले में बीएमसी (BMC) की मेयर रितु तावड़े को आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया हैं। भाजपा नेता तावड़े की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि पीड़ितों और चश्मदीदों के बयान उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। भाजपा नेता व पार्षद रितु तावड़े ने 11 फरवरी को मुंबई नगर निगम (BMC) का प्रमुख का पद संभाला।

यह घटना 29 जुलाई 2016 को सांताक्रूज के वाकोला इलाके में बीएमसी के उर्दू माध्यम के एक स्कूल में हुई थी। आरोप है कि तब मेयर तावड़े और छह अन्य लोगों ने स्कूल में घुसकर दो शिक्षकों की पिटाई की थी। बताया जाता है कि यह घटना कैंसर से पीड़ित एक शिक्षिका के अचानक तबादले को लेकर हुई थी। तावड़े और सह-आरोपियों के खिलाफ मारपीट और संबंधित आरोपों के लिए एफआईआर दर्ज की गई थी।

भाजपा नेता होने की वजह से फंसाया- मेयर

मुंबई की वर्तमान मेयर तावड़े ने अदालत में याचिका दायर कर सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए मामले से बरी करने की अपील की थी। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयानों और आरोपों का समर्थन करने वाले अन्य ठोस सबूतों को सामने रखा। साथ ही यह भी कहा कि स्कूल जैसी जगह पर ऐसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

रितु तावड़े ने अपनी अर्जी में दावा किया कि घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी संयोगवश थी और इस घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नगरसेविका होने के कारण शिकायतकर्ता (स्कूल की प्रधानाध्यापिका) ने अनुचित प्रचार पाने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसके पीछे शिकायतकर्ता की दुर्भावना और गुप्त इरादें हैं, उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।

पुलिस बोली- तावड़े ने शिक्षकों को थप्पड़ मारा

पुलिस ने भी दावा किया कि आरोपियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपशब्द कहे थे और दो स्कूल शिक्षकों के साथ मारपीट की थी। पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक इकबाल सोलकर ने दलील दी कि पीड़ितों के बयान से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि तावड़े ने दोनों शिक्षकों को थप्पड़ मारा था। 

मुकदमा आगे बढ़ेगा- कोर्ट

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वाईपी मनथकर ने पाया कि कई चश्मदीदों ने घटना के समय तावड़े को घटनास्थल पर देखा था। इसके बाद अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, "पीड़ितों ने स्पष्ट रूप से याचिकाकर्ता (रितु तावड़े) का नाम लिया है। अन्य गवाहों ने भी याचिकाकर्ता को घटना के समय देखा था। गवाहों ने यह भी कहा है कि तावड़े ने शिक्षकों के साथ मारपीट की थी।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां साक्ष्य से गंभीर संदेह उत्पन्न होता है, वहां आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। अदालत के इस फैसले का मतलब है कि तावड़े के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ेगा।