
Pune Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने अब आरोपी सिया गोयल (20) के परिवार के सदस्यों की भी कथित तौर पर हत्या की साजिश में भूमिका होने का संदेह जताया है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि उन्होंने अभी पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र नहीं पढ़ा है और दस्तावेज देखने के बाद ही इस बारे में कोई ठोस टिप्पणी करेंगे।
केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले से नीचे गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस जांच में इसे हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला बताया गया है। इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) और चेतन के दोस्त रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने तीनों के खिलाफ 5,053 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया है।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने 'पीटीआई' से बातचीत में कहा कि उन्हें संदेह है कि सिया गोयल के पिता, मां, भाई और परिवार के अन्य रिश्तेदार भी उनके बेटे की हत्या की साजिश में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्होंने आरोपपत्र नहीं पढ़ा है।
उन्होंने कहा कि आरोपपत्र की प्रति हासिल करने के लिए उन्होंने अदालत का रुख किया है। आरोपपत्र पढ़ने के बाद ही वह इस संबंध में विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
विशाल अग्रवाल ने सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की कथित गुपचुप शादी की खबरों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों के बीच पहले से शादी हुई थी, तो फिर सिया के परिवार ने कथित तौर पर उनके बेटे के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की?
मीडिया रिपोर्टों में आरोपपत्र के हवाले से सिया और चेतन के राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर में कथित रूप से शादी करने की बात सामने आई है। हालांकि, इस कथित शादी के संबंध में पुलिस को प्रत्यक्ष प्रमाण मिलने की बात अभी स्पष्ट नहीं है।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने पिछले हफ्ते वडगांव मावल अदालत में 5,053 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में 80 से ज्यादा गवाहों के बयान, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तस्वीरें, चैट और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े दस्तावेज शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इसी अकाउंट के जरिए केतन से संपर्क कर उसे 18 जून को लोहगढ़ किले पर आने के लिए तैयार किया गया। पुलिस का आरोप है कि वहां केतन को चट्टान से नीचे धक्का दिया गया। जांच में कथित तौर पर डिलीट किए गए चैट और अन्य डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए।
विशाल अग्रवाल ने आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि अभी तक इन मांगों पर उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। अब उन्होंने सरकार से इसके लिए फिर अनुरोध किया है।