Koshyari Padma Bhushan Controversy: भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। संजय राउत ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके पक्ष में जवाब दिया है।
Koshyari Padma Bhushan Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण दिए जाने की घोषणा पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक तरफ सरकार इस फैसले का समर्थन कर रही है, वहीं विपक्ष के नेता इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बता रहे हैं। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस सम्मान पर सवाल खड़े करते हुए कोश्यारी की भूमिका को लेकर तीखे आरोप लगाए हैं। वहीं इसे लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और पलटवार किया है, जिससे यह विवाद और गहराया नजर आ रहा है।
दरअसल केंद्र सरकार ने रविवार को कोश्यारी को पद्म भूषण दिए जाने की घोषणा की थी। इन्होंने 2019 से 2023 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद पर काम किया था। इसी को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। साथ ही उन्होंने साफ-साफ शब्दों में उन पर आरोप लगाया है कि कोश्यारी ने महाराष्ट्र में चुनी हुई महा विकास आघाड़ी सरकार (MVA) को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी क्योंकि वह राज्य में बीजेपी की सरकार लाना चाहते थे। साथ ही उनके अनुसार, ऐसा कर उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की हत्या की थी। उनका कहना है कि उनके शासन काल में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके कई फैसलों को अवैध बताया था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को पद्म भूषण जैसा सम्मान देना गलत संदेश देता है।
भगत सिंह कोश्यारी अपने कार्यकाल के दौरान कई बार विवादों में रहे हैं। संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए उनके छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए बयान को याद दिलाया, जहां उन्होंने शिवाजी महाराज को पुराने समाज का आइकन कहा था। इस बयान के बाद भगत सिंह कोश्यारी को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। यहां तक कि कई संगठनों और राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे। संजय राउत ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को पद्म भूषण देना महाराष्ट्र की पहचान और सम्मान पर भी सवाल खड़ा करता है। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के अलावा उन्होंने समाज सुधारकों महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान किया था। इसलिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे समेत पूरी महायुति सरकार को भी भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण दिए जाने के फैसले का विरोध करना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि कोश्यारी का जीवन काफी लंबा और सम्मानजनक रहा है। साथ ही उनका देश के लिए योगदान भी तारीफ के लायक है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी और सीख देने वाला है। इसके अलावा सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत के बयान पर पलटवार करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि "छोटे मन के लोग" इस सम्मान का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनके काम के लिए ही उनको सम्मान दिया जा रहा है।