मुंबई

लाडली बहनों के लिए खुशखबरी! सरकार ने लिया बड़ा फैसला, ऐसे होगा फायदा

Maharashtra Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) को अन्य योजनाओं से जोड़ने से महिलाओं को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी मिलेंगे।

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Mar 09, 2026
Ladki Bahin Yojna Update

महाराष्ट्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) की लाभार्थी महिलाओं के लिए बड़ी पहल की गई है। अब राज्यभर की उन दो करोड़ लाडली बहनों को बिना ब्याज के व्यवसायिक कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे छोटे-बड़े व्यवसाय में निवेश कर आत्मनिर्भर बन सकें। खास बात यह है कि इस कर्ज की किस्तें लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से ही चुकाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय इस योजना को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

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बिना गारंटी मिलेगा ब्याजमुक्त कर्ज

मुंबई बैंक के मॉडल को अब पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को अपना छोटा उद्योग या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बिना किसी गारंटी के कर्ज दिया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस कर्ज पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। फडणवीस ने बताया कि यह कर्ज लाडकी बहीन योजना के साथ एकीकृत होगा।

इस कर्ज का उपयोग महिलाएं छोटे उद्योग, व्यवसाय या अन्य आय बढ़ाने वाले उपक्रम शुरू करने के लिए कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकेंगी।

यह घोषणा ठाणे जिले के भायंदर के उत्तन में आयोजित ‘विकसित भारत नारीशक्ति संगम’ नामक दो दिवसीय शिविर के उद्घाटन के दौरान की गई। यह शिविर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में ग्राम विकास मंत्री विजयकुमार गोरे और पूर्व सांसद डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

स्थानीय शासन में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हरा जगह महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। फडणवीस ने महिला नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर निगमों में 90% और जिला परिषदों में 70% महिलाएं अपने दम पर चुनाव जीतकर आ रही हैं। ग्राम पंचायतों में करीब 60% सरपंच महिलाएं खुद कामकाज संभाल रही हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ‘सरपंच पति’ जैसा शब्द पूरी तरह खत्म हो जाएगा और महिलाएं पूरी तरह खुद बागडोर संभालेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में 33 प्रतिशत महिला सांसद चुनी जाएंगी। इसके बाद देश की राजनीति महिला-केंद्रित लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ेगी।

Published on:
09 Mar 2026 06:19 pm
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