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‘जिहाद करने का प्रयास, किसी को नहीं छोड़ेंगे’, मुंबई में पहलगाम जैसे हमले पर क्या बोले सीएम फडणवीस

Devendra Fadnavis on Mira Road stabbing: मुंबई के मीरा रोड इलाके में दो सुरक्षा गार्ड पर हुए जानलेवा हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा खुलासा किया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 28, 2026

Devendra Fadnavis on Jaib Ansari naya nagar stabbing

दूसरे धर्म के लोगों को मारना चाहता था आरोपी- सीएम फडणवीस (Photo: X/IANS)

मुंबई के मीरा रोड इलाके में रविवार तड़के हुई सनसनीखेज वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक युवक ने निर्माणाधीन इमारत के दो सुरक्षा गार्ड से उनका धर्म पूछने के बाद उन पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी की पहचान जैब जुबैर अंसारी (31) के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने तुरंत नया नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को अंसारी के घर की तलाशी के दौरान आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) और ‘जिहाद’ से जुड़ी लिखित सामग्री मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया। जिसके बाद इस मामले की जांच में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) को भी शामिल किया गया है।

पूछा कलमा पढ़ सकते हो? फिर किया हमला

पुलिस के मुताबिक, आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने पहले सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से पूछा कि क्या वे कलमा पढ़ सकते हैं और नमाज अदा कर सकते हैं। जब उन्होंने इनकार किया, तो उसने उन पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

सीएम फडणवीस ने क्या कहा?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोलापुर में पत्रकारों से बातचीत में इस घटना को ‘सेल्फ रेडिकलाइजेशन’ (खुद को कट्टरपंथी बनाना) का मामला बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने किताबों, इंटरनेट और अन्य माध्यमों के जरिए कट्टरपंथी विचार अपनाए।

उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि आरोपी के मन में केवल यह बात थी कि उसे जिहाद करना है और जिहाद का मतलब वह दूसरे धर्म के लोगों को मारना चाहता था। इसी कट्टरपंथी सोच से प्रेरित होकर उसने सुरक्षा गार्डों से कलमा पढ़ने के बारे में पूछा और उनके इनकार करने पर उन पर हमला कर दिया।

ATS और NIA की मदद से जांच तेज

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि अब इस मामले की गहन जांच के लिए एटीएस और एनआईए (NIA) की मदद ली जाएगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि आरोपी के पीछे कौन लोग हैं और क्या इस रेडिकलाइजेशन के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।

कई साल अमेरिका में रहा आरोपी

फडणवीस ने कहा, आरोपी का परिवार अमेरिका में रहता है और वह खुद भी कई साल तक विदेश में रह चुका है। भारत लौटने के बाद वह पहले कुर्ला और फिर मीरा रोड के नया नगर इलाके में रहने लगा था। इसलिए अब सिर्फ इस घटना की जांच ही नहीं, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या आरोपी के संपर्क में और लोग भी इस तरह के विचारों से प्रभावित हुए हैं। उसके डिजिटल और सोशल मीडिया कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।

कौन है आरोपी जैब जुबैर अंसारी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी जैब जुबैर अंसारी साइंस ग्रेजुएट है और 2019 तक अमेरिका में रहा था, जहां उसका परिवार अभी भी रहता है। जबकि आरोपी अंसारी 2022 से मीरा रोड के मुस्लिम बहुल इलाके नया नगर के स्मिता रीजेंसी बिल्डिंग में किराए के फ्लैट में अकेले रह रहा था। उसकी पत्नी अफगान मूल की है और वह उसे छोड़कर अब अमेरिका में रहती है। कुछ समय पहले तक वह एक कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री और गणित पढ़ाता था, जबकि हाल के महीनों में ऑनलाइन क्लासेस भी ले रहा था।

बताया जा रहा है कि नौकरी नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका से भारत आया था। इसी दौरान कट्टरपंथी विचारधारा की ओर उसका झुकाव बढ़ने लगा। जब पुलिस ने अंसारी के घटना स्थल से लगभग 200 मीटर दूर नया नगर के स्मिता रीजेंसी भवन में मौजूद घर की तलाशी ली तो ‘अकेले हमला करने’ और इस्लामिक स्टेट का उल्लेख करने वाला एक नोट, एक लैपटॉप और कुरान की तीन प्रतियां मिलीं। फिलहाल नया नगर पुलिस अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हैं।

पहलगाम के आतंकियों की तरह पहले पूछा धर्म

पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले दोनों सुरक्षा गार्ड के पास गया और मस्जिद का पता पूछा। जब उन्होंने बताया कि मस्जिद की जानकारी उन्हें नहीं है तो उसने उनसे पूछा कि क्या वे हिंदू हैं और आगे बढ़ गया। कुछ ही सेकंड में अंसारी वापस आया और अपनी जेब से चाकू निकालकर दोनों पीड़ितों पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि सुब्रतो सेन ने किसी तरह सुरक्षा केबिन में छिपकर अपनी जान बचाई और पुलिस को फोन किया। जबकि राजकुमार मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं, उनके आंतों को नुकसान पहुंचा है।

पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों ने कथित तौर पर पीड़ितों से उनका धर्म पूछा था, जबकि कुछ को गोली मारने से पहले कलमा पढ़ने के लिए कहा था।