
बॉलीवुड के म्यूजिक डायरेक्टर ने दान कर दी थी अपनी संपत्ति
Bollywood News: बॉलीवुड इंडस्ट्री में जहां हर तरफ मुकाबला और आगे बढ़ने की पैसा कमाने की होड़ लगी हुई है। ऐसे में इसी इंडस्ट्री में एक ऐसे शख्स थे जो अपने गम से कभी बाहर ही नहीं आ पाए और उन्होंने वो कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जी हां! हम बात कर रहे हैं "दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए..." और "कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है..." जैसे कालजयी गानों को अपनी धुनों से सजाने वाले संगीतकार मोहम्मद जहूर हाशमी की जिन्हें दुनिया खय्याम साहब ने नाम से जानती है। उन्होंने अपनी सारी संपत्ति लगभग 12 करोड़ रुपये दान में दे दी थी। जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया था, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा और गहरा दर्द छुपा था।
खय्याम साहब की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। उनका जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। वह पढ़ाई का नहीं बल्कि सिनेमा का ऐसा शौक था कि वह घर छोड़कर दिल्ली अपने चाचा के पास आ गए थे। संगीत की तालीम उन्होंने हिंदू गुरुओं से ली, यही वजह थी कि वह जीवनभर सभी धर्मों का सम्मान करते रहे। करियर की शुरुआत में उन्होंने 'शर्माजी' नाम से संगीत दिया।
वहीं, खय्याम ने अपनी पसंद की शादी की थी। उनकी पत्नी जगजीत कौर एक मशहूर गायिका थीं और एक रईस परिवार से ताल्लुक रखती थीं। अलग धर्म और माली हालत ठीक न होने के कारण परिवार ने विरोध किया, लेकिन दोनों ने बगावत कर निकाह कर लिया। खय्याम और जगजीत कौर शादी के 16 साल बाद तक संतान के लिए तरसते रहे। आखिरकार उनके घर बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम उन्होंने 'प्रदीप' रखा। खय्याम अपने बेटे से बेहद प्यार करते थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। साल 2012 में उनके इकलौते बेटे प्रदीप का 56 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। जवान बेटे की मौत ने खय्याम और उनकी पत्नी को अंदर तक तोड़ दिया।
बेटे के जाने के बाद खय्याम को अपनी धन-दौलत बेमानी लगने लगी। उन्होंने तय किया कि वह अपनी संपत्ति उन कलाकारों और टेक्नीशियन्स के काम लाएंगे जो इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे हैं। अपने 90वें जन्मदिन पर खय्याम ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई, यानी करीब 12 करोड़ रुपये की संपत्ति 'खय्याम प्रदीप जगजीत' (KPG) चैरिटेबल ट्रस्ट को दान कर दी।
93 साल की उम्र में खय्याम साहब इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनके जाने के दो साल बाद उनकी पत्नी जगजीत भी चल बसीं। आज खय्याम भले ही नहीं हैं, लेकिन उनका त्याग और उनका संगीत भारतीय सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है।
Updated on:
28 Apr 2026 03:51 pm
Published on:
28 Apr 2026 03:05 pm
बड़ी खबरें
View Allबॉलीवुड
मनोरंजन
ट्रेंडिंग
