
दाऊद के करीबी सलीम डोला को लाया गया भारत (Photo: X/@imvivekgupta)
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के करीबी व ड्रग्स सरगना सलीम डोला को तुर्की से भारत लाया गया है। इससे दाऊद के ड्रग सिंडिकेट को तगड़ी चोट पहुंची हैं। सलीम डोला लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था। उस पर न सिर्फ मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप हैं, बल्कि उसके खिलाफ अवैध नेटवर्क को फंडिंग करने के भी गंभीर आरोप हैं। बताया जा रहा है कि सलीम डोला ही भारत में दाऊद के ड्रग्स का पूरा काम संभालता था। वह भारत में आने वाले मेफेड्रोन (एमडी) का प्रमुख उत्पादक माना जाता है। उसे मंगलवार सुबह भारत लाया गया। जहां दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उसे हिरासत में ले लिया।
मुंबई पुलिस के मुताबिक, सलीम डोला भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के उस विश्वसनीय सर्कल का हिस्सा है, जो भारत में ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क संभालता है। सलीम डोला का नाम ड्रग्स केस में पहले भी आया था, जब मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल ने सांताक्रुज में 100 किलोग्राम फेंटानिल ड्रग्स जब्त की थी। हालांकि, सांगली मामले में भी सलीम वांटेड था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल अक्टूबर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला से जुड़े ड्रग सिंडिकेट पर शिकंजा कसा था। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई में 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। तब कुख्यात ड्रग्स तस्कर सलीम डोला के जरिए एमडी जैसे ड्रग्स की खरीद-फरोख्त को लेकर अहम जानकारी सामने आई थी।
सलीम डोला के अवैध कारोबार में उसका बेटा ताहिर और भांजा मुस्तफा भी मदद करते थे। इसी कारण उन्हें आरोपी बनाकर पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया। जून 2025 में सलीम डोला के बेटे ताहिर को अबू धाबी (यूएई) से भारत लाया गया। जांच में पता चला कि ताहिर सलीम डोला विदेश से इस गैरकानूनी ड्रग कारोबार को चला रहा था।
मुंबई पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 25 नवंबर 2024 को ताहिर के खिलाफ इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी कराया। सीबीआई ने इंटरपोल की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) के साथ मिलकर ताहिर डोला का यूएई में पता लगाया, जहां उसे पिछले साल 27 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रत्यर्पण संधि के तहत उसे भारत लाया गया।
दो साल पहले महाराष्ट्र के सांगली जिले में ड्रग्स बनाने वाली एक फैक्ट्री पकड़ी गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर ग्रामीण इलाके में चल रही इस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि छापेमारी में 126.14 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 256 करोड़ रुपए थी।
मुंबई के डोंगरी का रहने वाला सलीम डोला करीब एक दशक पहले भारत से फरार होने के बाद विदेश से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। नारकोटिक्स एजेंसियों का कहना है कि वह कई राज्यों में फैले मादक पदार्थों के कारोबार को चला रहा था। उसके संबंध अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से भी हैं।
डोला को पहली बार साल 1998 में मुंबई एयरपोर्ट पर 40 किलो मैंड्रैक्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि सलीम मिर्ची के बाद वह दाऊद की डी-कंपनी के ड्रग्स नेटवर्क को संभाल रहा था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने उस पर 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
Updated on:
28 Apr 2026 11:33 am
Published on:
28 Apr 2026 10:52 am
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