Maharashtra Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) की मार्च की किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए जरुरी खबर है।
Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने अब इस योजना के नियमों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल उन्हीं महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये का लाभ दिया जाएगा, जो योजना के लिए पात्र है। जिन लाभार्थी महिलाओं के आवेदन में त्रुटियां हैं या जिनकी ई-केवायसी (e-KYC) प्रक्रिया अधूरी है, उनके लिए राज्य सरकार ने सुधार का आखिरी मौका दिया है।
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मिली जानकारी के अनुसार, जिन महिलाओं की ई-केवायसी प्रक्रिया में तकनीकी खामियां हैं या जिन्होंने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है, उन्हें 30 अप्रैल 2026 तक का समय दिया गया है। यह उन महिलाओं के लिए अंतिम अवसर है जिनके बैंक खाते या आधार लिंकिंग में कोई समस्या है। इस समय सीमा के भीतर सुधार न करने वाली लाडली बहनों को भविष्य में योजना का कोई लाभ नहीं मिल सकेगा।
राज्य सरकार की इस सख्ती का सबसे बड़ा असर मई महीने से दिखाई देगा। अधिकारियों ने बताया कि 30 अप्रैल की समय सीमा समाप्त होने के बाद मई 2026 से उन सभी महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से स्थायी रूप से हटा दिए जाएंगे जो निर्धारित मानदंडों पर खरी नहीं उतरतीं। यानी मई महीने की 1500 रुपये की सम्मान निधि उन्हीं लाडली बहनों के खाते में जमा होगी, जो पात्र है।
ई-केवायसी प्रक्रिया के बीच शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया है कि 71 लाख लाभार्थियों को राज्य सरकार ने अयोग्य घोषित कर दिया है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे से इस संबंध में जवाब मांगा हिया और कहा कि उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि 71 लाख महिलाओं को अयोग्य क्यों घोषित किया गया।
उन्होंने दावा किया कि 2024 के अंत में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना को शुरू किया गया और तब से इन 71 लाख महिलाओं को कुल 255.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। राज्य के खजाने को हुए इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ मतदाताओं को लुभाने और चुनाव जीतने के लिए जनता के पैसे को लुटाया गया।
गौरतलब हो कि लाडकी बहिन योजना की 68 लाख लाभार्थियों ने 31 मार्च तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की, इस वजह से उनके खाते बंद कर दिए गए, जिससे सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। हालांकि राज्य सरकार ने ई-केवाईसी पूरा करने का एक और मौका दिया है और अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दी है।