Maharashtra Ladli Behna Yojana : मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के तहत 21 से 65 साल की पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने 1500 रुपये जमा किए जा रहे हैं। अब तक दस किस्तें दी जा चुकी हैं और ग्यारहवीं किस्त का वितरण बुधवार 4 जून से शुरू किया गया है।
Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Majhi Ladki Bahin Yojana) की मई महीने की किश्त का दो करोड़ से अधिक लाभार्थी महिलाएं बेसब्री से इंतजार कर रहीं हैं। लेकिन अब उन लाडली बहनों का इंतजार खत्म होने वाला है। दरअसल राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थी महिलाओं के खाते में मई महीने के 1500 रुपये जमा करने की प्रक्रिया आज (4 जून) से शुरू कर दी है। इसकी पुष्टि खुद महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने की है।
कुछ देर पहले मंत्री अदिती तटकरे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, लाडली बहनों को मई महीने की सम्मान निधि का वितरण शुरू कर दिया गया है! मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभार्थी बहनों को मई महीने की सम्मान निधि का वितरण आज से शुरू हो गया है। यानी ग्यारहवीं किस्त की रकम कभी भी लाडली बहनों के खातों में जमा हो सकती है।
इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री ने योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि लाडकी बहिन योजना (Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana) को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं, जबकि यह योजना बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच के दौरान पता चला कि कुछ महिला सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले रही थीं, जिसके बाद से उन्हें लाभ देना बंद कर दिया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र लाडली बहनों के लिए यह योजना जारी रहेगी।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री तटकरे ने शुक्रवार को खुलासा किया कि लाभार्थियों के सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) का लाभ उठाने वाली 2,200 से अधिक महिलाओं के सरकारी कर्मचारी होने का पता चला। हालांकि, सरकारी कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
उन्होंने कहा, लाडली बहना योजना (लाडकी बहीण योजना) के करीब दो लाख आवेदनों की जांच के दौरान 2,289 आवेदक ऐसे मिले जो सरकारी कर्मचारी होते हुए योजना का लाभ उठा रही थीं। इन लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया है। तटकरे ने कहा कि लाभार्थियों का सत्यापन जारी रहेगा, यह एक नियमित प्रक्रिया है।