
Cancellation NEET UG 2026:नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा को देशव्यापी स्तर पर रद्द करने का मामला अब कानूनी गलियारे में पहुंच गया है। मुंबई के न्यायिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता फैयाज आलम शेख ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को एक कानूनी नोटिस जारी किया है। नोटिस में परीक्षा रद्द करने के फैसले को 'मनमाना, असंगत और असंवैधानिक' बताया गया है।
सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 80 के तहत यह नोटिस उन लगभग 25 लाख चिकित्सा उम्मीदवारों की ओर से भेजा गया है, जो 3 मई को आयोजित इस प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। यह कानूनी चुनौती NTA द्वारा 12 मई को जारी उस प्रेस विज्ञप्ति के बाद आई है, जिसमें कथित अनियमितताओं और कदाचार का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने की घोषणा की गई थी।
कानूनी नोटिस में मांग की गई है कि परीक्षा रद्द करने के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और उन उम्मीदवारों के परिणाम घोषित किए जाएं, जो किसी भी तरह की गड़बड़ी या कदाचार से प्रभावित नहीं हैं। इसके साथ ही नोटिस में यह भी कहा गया है कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी सभी जानकारी और डेटा सार्वजनिक किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। प्रभावित छात्रों की मदद के लिए 10 करोड़ रुपये का राहत कोष बनाने की मांग भी उठाई गई है। इस कानूनी नोटिस के बाद अब केंद्र सरकार और NTA पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें अदालत और लाखों छात्रों के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।