
मुंबई। झूठा हलफनामा देने के मामले में नागपुर कोर्ट ने विधानसभा के विपक्ष नेता व् पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 15 हजार रुपये निजी मुचलके पर जमानत दी है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी ३० मार्च को होगी। गुरूवार को इस मामले की सुनवाई में देवेंद्र फडणवीस उपस्थित हुए थे। इससे पहले कनिष्ठ और हाईकोर्ट ने देवेंद्र फ़डणवीस के पक्ष में फैसला दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिए गए उनके हलफनामे में झूठी जानकारी देने के मामले को गंभीर मानते हुए पुनः कनिष्ठ कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा। गुरूवार को इस मामले की सुनवाई में देवेंद्र फ़डणवीस के वकील ने जमानत की याचिका पेश की जिसे कोर्ट ने मंजूर किया। नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधायक है ।
मुझे पता है कौन कर रहा है।
देवेंद्र फ़डणवीस ने मिडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें पता है यह सब कौन कर रहा है। उनकी छवि को ख़राब करने की साजिस हो रही हैं। इसके पीछे जो लोग है उनके बारे में मुझ सूचना है। समय आने पर जवाब दूंगा। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उनपर एक भी एफआईआर दर्ज नहीं है बल्कि चार निजी शिकायत है। जो कोर्ट में है। इनमे से 3 शिकायत सतीश ऊके ने दर्ज किया है और एक मोहनीश जबलपुरे ने किया है। ।
देवेंद्र फडणवीस को चुनाव के दौरान आयोग में जमा एफिडेविट में गलत जानकारी देने के मामले को लेकर वकील संजय ऊके ने सुप्रीम कोर्ट अपील किया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे गलत माना। सुप्रीम कोर्ट में देवेंद्र फडणवीस को जानकारी छुपाने के मामले में पुनः सुनवाई के लिए निचली अदालत को निर्देश दिया है । संजय उके और आशीष देशमुख ने कोर्ट में फडणवीस के खिलाफ याचिका दायर किया है ।