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दिग्गज सिंगर आनंद राज आनंद के मन में आया सुसाइड का विचार, 9 साल तक कराते रहे इलाज, अब जाकर किया खुलासा

Anand Raaj Anand Shares Suicidal Depression: दिग्गज सिंगर आनंद राज आनंद ने हाल ही में एक ऐसे वक्त का जिक्र किया है जब उन्हें मानसिक तौर पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

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Anand Raaj Anand Shares Suicidal Depression

Anand Raaj Anand Shares Suicidal Depression (सोर्स- एक्स)

Anand Raaj Anand Shares Suicidal Depression: बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे हुए हैं जिन्होंने अपनी कला से करोड़ों लोगों के दिलों को छुआ, लेकिन उनकी निजी जिंदगी के संघर्ष अक्सर दुनिया की नजरों से दूर रहे। मशहूर संगीतकार और गायक आनंद राज आनंद का नाम भी उन्हीं कलाकारों में शामिल है।

'दिल दे दिया है', 'इश्क समंदर', 'मखना' और दर्जनों सुपरहिट गानों से पहचान बनाने वाले आनंद राज आनंद ने अब अपनी जिंदगी के उस अंधेरे दौर का खुलासा किया है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।

2011 के बाद सुसाइडल डिप्रेशन का हुए शिकार

एक समय था जब आनंद राज आनंद की धुनों पर पूरा बॉलीवुड झूमता था। निर्माता, निर्देशक और बड़े सितारे उनकी संगीत प्रतिभा के मुरीद थे। लेकिन सफलता के शिखर पर खड़े इस संगीतकार की जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़कर रख दिया। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि साल 2011 के बाद वो क्लिनिकल डिप्रेशन का शिकार हो गए थे और हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे।

लगातार सफलता के बाद लिया था ब्रेक

आनंद राज आनंद ने हाल ही में फरीदून के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती वर्षों में इतनी मेहनत की कि परिवार और खुद के लिए समय ही नहीं निकाल पाए। कई साल तक लगातार काम करने के बाद उन्होंने फैसला किया कि अब कुछ समय परिवार के साथ बिताया जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने लंदन का रुख किया और कुछ समय के लिए फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली।

लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे कठिन अध्याय बन गया। जब वह वापस लौटे तो बॉलीवुड का संगीत जगत पूरी तरह बदल चुका था। नए संगीतकार आ चुके थे, काम करने का तरीका बदल चुका था और तकनीक ने रचनात्मक बैठकों की जगह ले ली थी। उन्हें महसूस हुआ कि जिस इंडस्ट्री को वह जानते थे, वह अब पहले जैसी नहीं रही।

लंदन में बढ़ता गया अकेलापन

संगीतकार के अनुसार शुरुआत में उन्हें लगा था कि ये सिर्फ एक छोटा ब्रेक होगा, लेकिन धीरे-धीरे वह इंडस्ट्री से दूर होते चले गए। परिवार के साथ समय बिताने की खुशी के बीच करियर की चिंता और बदलते दौर का दबाव उनके भीतर घर करने लगा। यही तनाव धीरे-धीरे गंभीर मानसिक बीमारी में बदल गया।

उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा भी आया जब वो खुद को पूरी तरह दुनिया से अलग कर लेना चाहते थे। कमरे की खिड़कियां बंद रखना, अंधेरे में रहना और किसी से बात न करना उनकी दिनचर्या बन गई थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि वह संगीत जैसी चीज भी नहीं बना पा रहे थे, जो उनकी पहचान थी।

नौ साल तक चला इलाज

आनंद राज आनंद ने पहली बार खुलकर बताया कि साल 2011 से 2020 तक वो लगातार दवाइयों पर रहे। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद ली और लंबे समय तक इलाज करवाया। डॉक्टरों ने उन्हें तनाव से दूर रहने और धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने की सलाह दी।

उनका कहना है कि डिप्रेशन सिर्फ उदासी नहीं होता, बल्कि ये इंसान की सोच, रचनात्मकता और जीवन जीने की इच्छा तक को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि उन्होंने इतने वर्षों तक अपने भीतर चल रही लड़ाई को चुपचाप लड़ा।

फिर संगीत ने ही दिखाई नई राह

कई वर्षों के संघर्ष के बाद आनंद राज आनंद धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौटे। उनके पुराने गानों को आज भी दर्शकों का प्यार मिल रहा है और यही प्यार उन्हें दोबारा संगीत से जोड़ रहा है। वो मानते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर सफल चेहरे के पीछे एक अनकही कहानी हो सकती है।