Manikrao Kokate : एनसीपी (अजित पवार) नेता माणिकराव कोकाटे को 1995 के मामले में दो साल की सजा सुनाई गई थी।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता कोकाटे की दो साल की सजा स्थगित कर दी गई है। नासिक सेशन कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया है। इसलिए माणिकराव कोकाटे की विधायकी पर संकट टल गया है और वह मंत्रीपद पर बने रह सकते हैं।
अजित पवार गुट के नेता माणिकराव कोकाटे पर 30 साल पहले घर पाने के लिए जालसाजी करने का आरोप लगा था। इसी को लेकर लंबे समय से अदालत में केस चल रहा था। पिछले महीने इस मामले में उन्हें दो साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, एनसीपी नेता ने इसे लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी और सजा पर रोक लगाने की अपील की थी।
नासिक जिला न्यायालय ने इस मामले में 20 फरवरी को उन्हें दो साल की सजा और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। माणिकराव कोकाटे पर 1995 में दस्तावेजों से छेड़छाड़ और धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस फैसले के बाद उनके मंत्री पद और विधायकी पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।
यह मामला साल 1995 का है, जब माणिकराव कोकाटे पर दस्तावेजों में हेरफेर और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले (Tukaram Dighole) ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर धारा 420, 465, 471 और 47 के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद आज नासिक जिला न्यायालय ने उन्हें और उनके भाई को दो साल की सजा सुनाई।
न्यायालय के इस फैसले से कोकाटे के राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे है। यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो सकती है।