मुंबई

Cab Strike: महाराष्ट्र में कैब ड्राइवरों की भूख हड़ताल, बाइक टैक्सी को लेकर सरकार से की ये मांग

Maharashtra Cab Strike: ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसे ऐप-आधारित प्लेटफार्मों से जुड़े हजारों कैब ड्राइवरों ने आज से बाइक-टैक्सी के खिलाफ पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

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Apr 20, 2026
महाराष्ट्र में Ola-Uber ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Photo: IANS)

महाराष्ट्र में ऐप-आधारित कैब सेवाओं से जुड़े हजारों ड्राइवर सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े चालक यूनियनों का यह आंदोलन राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए शुरू किया गया है। उनकी मुख्य मांग है कि राज्यभर में बाइक-टैक्सी सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। कैब चालकों का दावा है कि ये अवैध सेवाएं उनकी आजीविका को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं, साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

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बातचीत फेल होने पर अनिश्चितकालीन अनशन

यूनियनों के अनुसार, राज्य परिवहन विभाग के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद आंदोलन को तेज करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का फैसला लिया गया। मुंबई और पुणे में इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है।

निजी दोपहिया का व्यावसायिक इस्तेमाल बंद करने की मांग

प्रदर्शन कर रहे चालकों की मांग है कि महाराष्ट्र सरकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के उन नियमों को सख्ती से लागू करे, जिनके तहत निजी दोपहिया वाहनों का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। उनका कहना है कि बाइक-टैक्सी इसी नियम का उल्लंघन कर रही हैं।

आजाद मैदान से लेकर नागपुर तक प्रदर्शन

यूनियन नेता केशव क्षीरसागर ने आरोप लगाया कि बार-बार विरोध प्रदर्शन के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसलिए अब स्थिति चिंताजनक हो गई है। ऐसा लगता है कि इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने सरकार बेबस हो गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आज से ड्राइवरों ने मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की है। इसके अलावा पुणे में जिला कलेक्टर कार्यालय और नागपुर के संविधान चौक पर भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि बाइक टैक्सी न सिर्फ उनके रोजगार के लिए, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उनका आरोप है कि कई बाइक-टैक्सी प्लेटफॉर्म पर्याप्त बीमा और राइडर्स का बैकग्राउंड चेक नहीं करते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा आंदोलन

हड़ताल पर बैठे ड्राइवरों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार बाइक-टैक्सी सेवाओं पर स्थायी बैन या सख्त नियमों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

यात्रियों की जेब पर दिख रहा असर

इस हड़ताल का असर अब आम यात्रियों पर भी दिखने लगा है। कई ड्राइवरों के सड़क से नदारद रहने के कारण मुंबई और पुणे जैसे शहरों में कैब मिलने में देरी हो रही है और किराए में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

महाराष्ट्र में बाइक-टैक्सी को लेकर स्पष्ट नीति न होने के कारण लंबे समय से विवाद बना हुआ है। ऐसे में यह आंदोलन सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ड्राइवरों ने साफ कर दिया है कि वे तब तक अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे जब तक सरकार बाइक-टैक्सी पर स्थायी प्रतिबंध या सख्त नियमन के लिए लिखित आश्वासन नहीं देती।

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Updated on:
20 Apr 2026 04:40 pm
Published on:
20 Apr 2026 04:39 pm
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