राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( NCP ) ने दोपहर में राज्यपाल ( Governor ) को बताया कि उनके पास सरकार बनाने लायक बहुमत नहीं एनसीपी ने बहुमत ( majority ) साबित करने के लिए मांगा था तीन दिन का समय, राज्यपाल ने किया इंकार
मुंबई.विधानसभा चुनावनतीजे की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में जारी सत्ता संघर्षअब सियासी संकट में तब्दील हो गई है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर जारी मचमच के बीच राष्ट्रपति लगाने बाबत राज्यपाल की सिफारिश पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मुहर लग गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने मंगलवार दोपहर 12.30 बजे राज्यपाल को बताया कि उसके पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त आंकड़ा फिलहाल नहीं है।
Patrika .com/political-news/shiv-sena-claims-absolute-majority-to-form-government-in-maharashtra-5307242/" target="_blank">महाराष्ट्र: शिवसेना ने किया 170 विधायकों के समर्थक का दावा, इस बार CM हमारा
बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए एनसीपी ने दो तीन दिन का समय मांगा, जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया। इसके बाद राज्यपाल ने अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी। आनन-फानन में बुलाई गई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की गई। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा चुनाव नतीजे की घोषणा 24 अक्टूबर को हुई थी। 288 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के 105, शिवसेना के 56, एनसीपी के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक चुने गए। भाजपा और शिवसेना गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरी थीं। दोनों के पास कुल मिला कर 161 विधायक हैं, जो बहुमत साबित करने के लिए जरूरी 145 सदस्यों से ज्यादा है। शिवसेना ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रही थी, जिसे भाजपा ने खारिज कर दिया।
सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी भाजपाको राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए शनिवार को आमंत्रित किया था। रविवार को भाजपा ने राज्यपाल को बताया कि वह अकेले सरकार नहीं बना सकती। इसके बाद शिवसेना को सरकार बनाने का न्योता मिला, जो भी तय समय सीमा के भीतर बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाई। इसके बाद राज्यपाल ने सोमवार शाम एनसीपी नेताओं को राजभवन बुलाया और सरकार बनाने का न्योता दिया। मंगलवार दोपहर एनसीपी ने राज्यपाल को बताया कि उसके पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं। एनसीपी ने भी सरकार गठन के लिए दो दिन का वक्त मांगा, लेकिन राज्यपाल ने इंकार कर दिया।