विधानसभा (Assembly) चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भाजपा (BJP) विपक्ष में बैठने को मजबूर है। शिवसेना (Shivsena) ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (ncp) और कांग्रेस के साथ मिल कर सरकार बनाई है। पूर्व सरकार की कई योजनाओं पर ब्रेक लगा कर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भाजपा को झटका दे चुके हैं। सत्ता हासिल करने के लिए सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप राज ठाकरे (Raj Thakeray) पहले ही शिवसेना पर लगा चुके हैं।
मुंबई. विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्ष में बैठने को मजबूर है। चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद राज्य में कांग्रेस (Congress) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ नया राजनीतिक समीकरण गांठ शिवसेना (Shivsena) सरकार चला रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thakeray) की सरकार को अस्थिर बताने वाली भाजपा भी अब नया राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश में जुट गई है। सरकार पर धारदार वार के लिए भाजपा महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) के साथ हाथ मिला सकती है।
लोकसभा (LOKSABHA) और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के पक्ष में प्रचार कर चुके मनसे मुखिया राज ठाकरे पहले ही कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना की ङ्क्षखचाई कर चुके हैं। पहले भाजपा के खिलाफ तीखे तेवर दिखा चुके राज फिलहाल कांग्रेस और एनसीपी से भी दूरी बनाए हुए हैं। इसी को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (dEVENDRA fADNAVIS) ने मंगलवार को राज ठाकरे से मुलाकात की। इसे राज्य में नए राजनीतिक समीकरण का संकेत माना जा रहा है।
मिली जानकारी अनुसार फडणवीस और ठाकरे की मुलाकात मध्य मुंबई के परेल (Parel) इलाके में हुई। यह बैठक अनौपचारिक कह कर खारिज नहीं की जा सकती। क्योंकि दोनों नेताओं ने एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत की। मनसे और भाजपा दोनों ही इस मुलाकात पर चुप्पी साधे हुए हैं। बावजूद इसके दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है।