
Maharashtra Drought: महाराष्ट्र में सूखे की मार से जूझ रहे किसानों की बदहाली का एक अत्यंत भावुक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। धाराशिव के सूखा प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के सामने जब 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक बच्चे ने अपनी व्यथा सुनाई, तो माहौल गमगीन हो गया। उसने बताया कि वह अपने पिता को अकेला नहीं छोड़ता, क्योंकि उसे डर है कि कहीं उसके पिता कोई गलत कदम न उठा लें।
तुलजापुर तालुका के खानापुर गांव में रहने वाले पीड़ित किसान के पास 10 एकड़ खेती है। लेकिन बारिश की कमी और सूखे के कारण खेत में फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। घर में जो जमा पूंजी थी, वह खेती की लागत में खर्च हो गई। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि परिवार के पास रोजमर्रा के राशन, आवश्यक वस्तुओं और बच्चे के स्कूल की फीस भरने तक के पैसे नहीं बचे हैं। इसके अलावा, अब तक उन्हें फसल बीमा (Crop Insurance) का भी कोई मुआवजा नहीं मिला है।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और भावुक बात यह है कि इस गंभीर संकट के बीच मासूम बच्चे को अपने पिता की जान की चिंता सता रही है। वह पिछले कई महीनों से पिता के पास सो रहा है। वह उन्हें किसी भी हाल में अकेला नहीं छोड़ता।
बताया जा रहा है कि पहले वह अपनी मां के पास सोता था, लेकिन पिछले करीब डेढ़ से ढाई महीने से वह पिता के पास सो रहा है। पिता जब भी घर से बाहर निकलते हैं, बच्चा उनके पीछे चला जाता है। पिता खेत की ओर जाते हैं तो वह स्कूल जाने के बजाय उनके साथ खेत पहुंच जाता है। खेत में काम न होने पर भी वह पिता को एक पल के लिए अकेले छोड़ने को तैयार नहीं है, ताकि उसके पिता कोई गलत कदम न उठा लें। बच्चे ने घर में खाने के लिए राशन नहीं होने की बात भी बताई।
सूखा प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान आदित्य ठाकरे ने खानापुर में किसानों से मुलाकात की और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। इसी दौरान उन्होंने इस किसान परिवार से भी बातचीत की। बच्चे से जब उन्होंने पूछा कि वह अपने पिता के पीछे-पीछे क्यों रहता है, तो उसने पिता के जान देने के डर की बात बताई। परिवार की स्थिति जानने के बाद आदित्य ठाकरे ने उसे तुरंत 5 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।
मदद मिलने के बाद पीड़ित किसान ने बताया कि वह सबसे पहले घर की जरूरी चीजें और बच्चे की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
इस किसान परिवार की परेशानी ऐसे समय सामने आई है, जब महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। सरकारी फैसले के मुताबिक यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत हिस्से को प्रभावित करता है। धाराशिव और बीड जैसे जिलों में जुलाई के बाद बारिश की कमी से फसल, पशुओं और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ा है।
सरकार ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत, कृषि ऋण की वसूली टालने और कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत जैसे उपायों की घोषणा की है। प्रभावित तालुकों में फसल नुकसान का सर्वे भी शुरू किया जाना है।
आदित्य ठाकरे ने भी खानापुर में फसलों का जायजा लेने के बाद कहा कि अब सूखा घोषित हो चुका है, इसलिए सरकार को राहत पैकेज का लाभ हर प्रभावित किसान तक पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।