Maharashtra Electricity Rate: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में बड़ी घोषणाएं की हैं, जिससे आम जनता से लेकर उद्योगों तक को बड़ी राहत मिलेगी।
महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को ऊर्जा क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आम जनता और उद्योगों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने साफ किया है कि राज्य में अगले 5 वर्षों तक बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों तक बिजली दरों में कोई भी बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से न केवल आम उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत मिलेगी, बल्कि उद्योगों के लिए भी एक स्थिर व्यापारिक वातावरण तैयार होगा।
सीएम फडणवीस ने सदन को बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों तक बिजली दरों में कोई भी बढ़ोतरी न करने का निर्णय लिया है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में औद्योगिक बिजली की मांग में 23 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। अन्य प्रतिस्पर्धी राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र आज भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बिजली देने में अग्रणी बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बिजली दरों में राहत को लेकर एक और क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पहले केवल रात के समय बिजली सस्ती मिलती थी, क्योंकि रात के समय बिजली की अधिक उपलब्धता होती थी। लेकिन अब दिन में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। इसी के चलते सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली के इस्तेमाल पर करीब 25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ छोटे उद्योगों, किसानों और दिन में काम करने वाली व्यावसायिक इकाइयों को मिलेगा।
सीएम फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र देश के प्रमुख 'डेटा सेंटर हब' के रूप में उभर रहा है। इन परियोजनाओं की बिजली खपत को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 4,500 मेगावॉट बिजली की उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित कर ली है। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा महाराष्ट्र पर और मजबूत होगा और राज्य में बड़े पैमाने पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य की बिजली वितरण कंपनी 'महावितरण' (Mahavitaran) की सफलता की सराहना करते हुए बताया कि कंपनी ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही महावितरण देश की सबसे बड़ी और सबसे सफल बिजली वितरण कंपनियों में शामिल हो गई है।