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महाराष्ट्र में गैस कालाबाजारी पर सर्जिकल स्ट्राइक, 2129 ठिकानों पर छापेमारी, 1208 सिलेंडर जब्त

LPG shortage Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार द्वारा गैस की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवा की गई है और राज्य भर में अब तक कुल 2,129 छापेमारी की गई है। इस सघन अभियान के दौरान प्रशासन ने 1,208 सिलेंडर जब्त किए हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 17, 2026

Devendra Fadnavis Maharashtra

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच एलपीजी की कथित कमी को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य में गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 2129 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 1208 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जिलास्तर पर बनी टीमें, 23 केस दर्ज

राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को विधान परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 23 मामले दर्ज किए गए हैं और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह मुद्दा कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी द्वारा उठाए जाने के बाद सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया गया।

मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने हर जिले में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की संयुक्त समितियां बनाईं। इन टीमों ने पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर छापेमारी की। इस दौरान 33.66 लाख रुपये का सामान भी जब्त किया गया है, जिससे कालाबाजारी के बड़े नेटवर्क का संकेत मिलता है।

गैस की कोई कमी नहीं, सरकार का दावा

भुजबल ने स्पष्ट किया कि राज्य में एलपीजी, पीएनजी या रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि एलपीजी उत्पादन 9 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 11 मीट्रिक टन कर दिया गया है। तेल कंपनियों के साथ मिलकर आपूर्ति व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

इस दौरान मंत्री भुजबल ने कहा कि राज्य सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में केरोसिन है और वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के साथ मिलकर उनके ईंधन पंपों के माध्यम से इसे उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है।

जरूरी सेवाओं को दी जाएगी प्राथमिकता

ईंधन वितरण को लेकर तेल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के दौरान सबसे पहले घरों (Domestic) को प्राथमिकता दी जाए। इसके बाद अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, श्मशान घाट, वृद्धाश्रम और अनाथालयों जैसी आवश्यक सेवाओं को 100 प्रतिशत प्राथमिकता देने के आदेश दिए गए हैं।

केरोसिन के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि राज्य के पास इसका पर्याप्त कोटा है और इसे तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों के माध्यम से जनता को उपलब्ध कराने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।

कीमतों में भी बढ़ोतरी

मंत्री ने सदन में गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का ब्यौरा भी पेश किया। उन्होंने बताया कि पिछले महीने घरेलू सिलेंडर की कीमत जो 852.50 रुपये थी, वह 7 मार्च को बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। इसी तरह, कमर्शियल (व्यावसायिक) सिलेंडर की कीमतों में भी उछाल आया है, जो 1,720.50 रुपये से बढ़कर 1,835 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई है। उनोने यह भी कहा कि सरकार आम आदमी को राहत देने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

घबराने की जरूरत नहीं

मंत्री ने लोगों से अपील की कि गैस को लेकर किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने भी भरोसा दिलाया है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।

राज्य सरकार का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।