महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के नारायणपुर सीमा पर स्थित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। इस ऑपरेशन में अब तक 3 नक्सलियों को मार गिराया गया है।
महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली में चल रहे बड़े नक्सल विरोधी अभियान से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह मुठभेड़ क्षेत्र से दो और नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही अब तक कुल तीन नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं। मौके से एक एके-47 और एक सेल्फ लोडिंग राइफल (SLR) भी जब्त की गई है। फिलहाल तीनों मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो सकी है।
गढ़चिरौली पुलिस ने बताया कि यह मुठभेड़ अबूझमाड़ (Abujhmaad) के घने जंगलों में गढ़चिरौली और नारायणपुर सीमा क्षेत्र के पास चल रही है। अभियान के दौरान नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन इलाके की दुर्गमता के चलते तलाशी अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सुरक्षाबलों ने घेराबंदी को और मजबूत कर दिया है। सी-60 की अतिरिक्त 4 यूनिट्स और सीआरपीएफ की क्यूएटी (Quick Action Team) को भी तैनात किया गया है। पुलिस का मानना है कि घने जंगल और पहाड़ियों का फायदा उठाकर कुछ और नक्सली छिपे हो सकते हैं, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम को प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की कंपनी नंबर 10 के नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद भामरागड के एसडीपीओ के नेतृत्व में सी-60 की 14 यूनिट्स को गढ़चिरौली और नारायणपुर सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
गढ़चिरौली के एसपी नीलोत्पल ने बताया कि मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है। इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के दो बड़े कैंपों को तबाह कर दिया। वहां से भारी मात्रा में राशन और नक्सली सामग्री बरामद हुई है।
इस मुठभेड़ के बीच एक दुखद खबर भी सामने आई है। मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल सी-60 कमांडो दीपक चिन्ना मडावी शहीद हो गए हैं। उन्हें तड़के अबूझमाड़ के गहरे जंगल से एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के उपजिला अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी शहादत से पूरे जिले में शोक की लहर है।
पुलिस के अनुसार, इसी मुठभेड़ में सी-60 के एक अन्य जवान जोगा मडावी को भी गोली लगी थी। हालांकि राहत की बात यह है कि उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
गढ़चिरौली पुलिस का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या मुठभेड़ के दौरान अन्य नक्सली घायल हुए हैं या भागने में सफल रहे हैं। अभियान पूरी तरह खत्म होने के बाद ही स्थिति की विस्तृत जानकारी सामने आएगी।