Maharashtra Halal Township: एनएचआरसी में दाखिल शिकायत के अनुसार, किसी धर्म विशेष के आधार पर आवासीय परियोजना का निर्माण नहीं किया जा सकता। यह समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर कर्जत में बन रही एक टाउनशिप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस टाउनशिप को ‘हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ (Halal Lifestyle Township) नाम से प्रमोट किया जा रहा है और दावा है कि यह केवल मुस्लिम समुदाय के लिए बनाई जा रही है। इसी वजह से धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का दरवाजा खटखटाया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस परियोजना को रेरा मुंबई द्वारा मंजूरी मिली हुई है। आयोग ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
NHRC में दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह टाउनशिप केवल एक धार्मिक समुदाय के लिए है, जो समानता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह की सोसाइटी समाज में सांप्रदायिकता को बढ़ावा देती हैं और इससे सुरक्षा व सामाजिक सौहार्द दोनों को खतरा है।
आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि रेरा (RERA) ने किस आधार पर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने साफ कहा कि धर्म के आधार पर किसी भी आवासीय टाउनशिप को अनुमति देना देश की एकता, अखंडता और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। अब सबकी निगाहें महाराष्ट्र सरकार की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।