
महाराष्ट्र भाजपा (BJP) से जुड़ी बड़ी खबर है। कोंकण क्षेत्र के सिंधुदुर्ग जिले की कुडाल नगरपंचायत की राजनीति इन दिनों गर्मा गई है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रभाकर सावंत ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में आठ में से छह नगरसेवकों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से भाजपा नेता नारायण राणे के खेमे में खलबली मच गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभाकर सावंत ने निलंबन की औपचारिक सूचना सीधे जिला अधिकारी को पत्र देकर दी। इसमें कहा गया कि जिन छह नगरसेवकों को पार्टी ने टिकट दिया था, वे लगातार पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे और कई बार अन्य दलों के मंच पर भी नजर आए। इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। पत्र में जिला अधिकारी से आगे की आवश्यक कार्यवाही करने की मांग भी की गई है।
इस निलंबन के तुरंत बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कुडाल से विधायक निलेश राणे खुलकर इन नगरसेवकों के समर्थन में आ गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर भाजपा जिला प्रमुख पर निशाना साधा है। राणे ने कहा कि "हम निलंबन तभी मान्य करेंगे जब सांसद नारायण राणे ऐसा कहेंगे। सिंधुदुर्ग में भाजपा के फैसले राणे साहब ही लेते हैं, इसलिए इस पत्र को हम कोई महत्व नहीं देते।"
कुडाल नगरपंचायत में ‘श्री सिद्धिविनायक नगर विकास आघाड़ी’ नाम से आठ नगरसेवकों का समूह पंजीकृत था। निलंबन के बाद अब यह गुट टूटता हुआ नजर आ रहा है। भाजपा जिला अध्यक्ष के मुताबिक, इस समूह में शामिल दो नगरसेवकों ने भी दूरी बनाने की इच्छा जताई है।
कुडाल नगरपंचायत में हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। निलंबित नगरसेवकों पर पार्टी कार्यक्रमों से लगातार अनुपस्थित रहने और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। वहीं, निलेश राणे के खुलकर मैदान में उतरने से यह विवाद और गहराने के आसार हैं। अब सबकी निगाहें सांसद नारायण राणे के रुख पर टिकी हैं, जो फिलहाल इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
Updated on:
4 Sep 2025, 1:40 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 1:40 PM IST
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