
Maharashtra Rain News: महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार मानसून की बारिश ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, पिछले तीन-चार दिनों से जारी इस भीषण बारिश के कारण मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे और नासिक समेत पूरा कोंकण क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मानसून के इस कहर के बीच राज्य आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से बेहद दर्दनाक आंकड़े सामने आए हैं, जिसके अनुसार सोमवार को राज्यभर में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई और 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालातों के चलते राज्य में अब तक लगभग 100 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जैसे तटीय जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। बता दें कि इससे पहले मुंबई और पुणे समेत नासिक के घाट क्षेत्रों में 'रेड अलर्ट' के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी। हालातों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि मौसम विभाग ने मंगलवार को नासिक और त्र्यंबकेश्वर के पहाड़ी इलाकों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) जैसी भयानक स्थिति की आशंका जताई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से सभी सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करने) की व्यवस्था लागू कर दी है।
मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई और उसके उपनगरों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। पिछले 48 घंटों के भीतर मुंबई शहर में 300 मिमी, जबकि पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में क्रमशः 380 मिमी और 345 मिमी की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है और पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है। इस दौरान दीवारें और पेड़ गिरने की कई घातक घटनाएं भी सामने आई हैं।
आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई के उपनगरों, पुणे और ठाणे में दीवार गिरने से आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि मुंबई में ही एक पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। इसके अलावा मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जहां खतरनाक घोषित की जा चुकी एक तीन मंजिला चॉल का हिस्सा अचानक भरभरा कर ढह गया। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जो उस समय इमारत खाली करने के लिए अपना सामान पैक कर रहे थे।
बढ़ते संकट को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है। शहर में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं और हादसों से निपटने के लिए बीएमसी ने अपनी पूरी मशीनरी को युद्ध स्तर पर तैनात किया है। जर्जर इमारतों, शॉर्ट सर्किट और पेड़ों के गिरने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं और बीएमसी ने इस संकट पर चर्चा के लिए 9 जुलाई को एक विशेष बैठक भी बुलाई है। एहतियात के तौर पर मंगलवार को मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है। वहीं यातायात की बात करें तो भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक रोड बाधित हो गया था, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर दोबारा यातायात के लिए खोल दिया है।